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भोपाल की लाड़ली ने झंडा गाड़ा

7 वर्ष पहले
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राजधानीभोपाल की स्टार शूटर वर्षा वर्मन ने इंचियोन एशियाड में कांस्य पदक जीतकर भोपाल का नाम रोशन कर दिया है। वर्षा ने शगुन चौधरी और श्रेयसी सिंह के साथ महिला डबल ट्रैप टीम इवेंट में तीसरा स्थान हासिल किया।

एशियन गेम्स के इतिहास में यह भोपाल के किसी खिलाड़ी द्वारा जीता गया पहला कांस्य है। इससे पहले भोपाल के समीर दाद 1998 में देश के लिए हाॅकी स्वर्ण तथा 1978 में मो. यूसुफ रजत जीत चुके हैं।

भारतीय तिकड़ी ने फाइनल मुकाबले में 279 अंक जुटाकर कांसा अपने नाम किया। इस इवेंट का स्वर्ण चीन (315 अंक) और रजत मेजबान द. कोरिया (314) ने जीता। वर्षा ने 89 अंक प्राप्त किए। उनका स्कोर 23, 21, 24, 21 रहा। शगुन ने 96 अंक बनाए। उनका स्कोर 24, 25, 24, 23 रहा। जबकि श्रेयसी ने 24, 22, 22, 26 के साथ 94 अंक स्कोर किए। भारत शूटिंग में अब तक एक स्वर्ण और 6 कांस्य सहित कुल 7 पदक जीत चुका है।

नारंग चौथे स्थान पर

भारतके गगन नारंग,जायदीप करमाकर और हरिओम सिंह पुरुषों की 50 मीटर प्रोन टीम फाइनल स्पर्धा में खराब प्रदर्शन करते हुए चौथे स्थान पर रहे। भारतीय टीम ने कुल 1852.0 का स्कोर किया। इस स्पर्धा में कजाकिस्तान ने कांस्य, मेजबान दक्षिण कोरिया ने रजत और चीन ने स्वर्ण पदक जीता।



व्यक्तिगत स्पर्धा में भी भारतीय निशानेबाजों का निराशाजनक प्रदर्शन बदस्तूर जारी रहा और वे फाइनल के लिए क्वालीफाई करने में नाकाम रहे।



13 वर्ष की उम्र से थामी पिस्टल

20वर्षीय वर्षा ने 13 साल की उम्र से शूटिंग को अपना लिया था। देश के स्टार शूटर अभिनव बिंद्रा और राज्यवर्धन सिंह राठौर को अपना आइडल मानने वाली वर्षा अब तक 10 इंटरनेशनल और 22 नेशनल मेडल जीत चुकी हैं।





उनका सपना है कि वे 2016 में रियो ओलिंपिक में देश के लिए गोल्ड मेडल जीत सकें। इसके लिए उन्होंने 2012 से विदेश में ट्रेनिंग लेना भी शुरू कर दिया है।

खेल के साथ पढ़ाई में भी टॉप पर

वर्षाइस समय हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से अंडर ग्रेजुएशन कर रहीं हैं। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने 2014 में स्कॉलरशिप के लिए चयन किया है।







उन्होंने 12वीं की परीक्षा में सीबीएसई बोर्ड में काॅमर्स ग्रुप में प्रदेश में टॉप किया था। सेंट जोसफ को-एड स्कूल की वर्षा ने 97.2 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। उनकी देश में तीसरी रैंक रही थी।

मिल चुका है एकलव्य अवॉर्ड

मप्ररा