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- अभी भी बेखौफ घूम रहे केसीसी फर्जीवाड़े के कई आरोपी, योजना पर ही सवाल उठे
अभी भी बेखौफ घूम रहे केसीसी फर्जीवाड़े के कई आरोपी, योजना पर ही सवाल उठे
किसानोंके नाम पर लगभग एक करोड़ रुपए से अधिक का फर्जीवाड़ा होने के दो वर्ष बीत जाने के बाद भी अभी तक इस मामले में संलिप्त पूरे आरोपियों का पुलिस हिरासत में होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। कोरिया जिले के सोनहत और बैकुंठपुर में जिस प्रकार वर्ष 2011-12 में दोनों तहसीलों में अलग अलग एक ही तरीके से किसान क्रेडिट कार्ड योजना के नाम पर फर्जीवाड़ा किया उसने इस योजना पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि केसीसी योजना के तहत् वर्ष 2012 में बैंक ऑफ इंडिया में फर्जी दस्तावेज संलग्र कर सोनहत से 75 लाख 65 हजार रुपए तथा बैकुंठपुर से 27 लाख 59 हजार रुपए आहरित कर इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया था। मामले का खुलासा होने के बाद जब जांच शुरू हुई तो कई आरोपी भूमिगत हो गये जिनमें से आज तक कई आरोपियों का कुछ पता नही चल पाया है। इस मामले में सिटी कोतवाली बैकुंठपुर और सोनहत थाने में अलग अलग एफआईआर दर्ज की गई थी लेकिन अभी तक दोनों ही मामलों के कई आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। ऐसे में साफ है कि पुलिस इन आरोपियों को गिरफ्तार करने में कोई रूचि नही ले रही है जो एक गंभीर सवाल है।
दो दिन पूर्व ही बैकुंठपुर के तत्कालीन तहसीलदार आशीष सक्सेना और पटवारी संजय गुप्ता ने न्यायालय के समक्ष आत्म समर्पण किया है। इसके अलावा सोनहत के मामले में नंद गोपाल, तत्कालीन तहसीलदार सोनहत बी. टोप्पो, धर्मेन्द्र कुशवाहा, बेबी साहू, नीलम, सिमला कुशवाहा, चंद्रशेखर, अनिल सिंह, सुरेन्द्र कुमार, अरविंद पाण्डेय, बुद्धू सिंह, राजकुमार, रामप्रसाद समेत 15 लोगों के विरूद्ध केसीसी फर्जीवाड़े में अपराध दर्ज किया गया था। इनके विरूद्ध थाना सोनहत में भादवि की धारा 420, 467, 468, 471 34 के तहत् अपराध कायम किया गया था।
^पुलिस लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है। अभी हाल ही में दो आरोपियों ने समर्पण किया है। शेष आरोपियों की भी जल्द गिरफ्तारी की जायेगी। -बी.एन. शर्मा, डीएसपी
प्रयास कर रहे हैं
फर्जी कागजात के सहारे दिया अंजाम
पुलिसरिपोर्ट के अनुसार यह फर्जीवाडा अक्टूबर 2011 से अप्रैल 2012 के बीच किया गया। विभिन्न लोगों के फर्जी कागजातों के सहारे सिर्फ सोनहत क्षेत्र के हितग्राहियों के को ही फर्जी तरीके से 75 लाख 65 हजार रूपये केसीसी के तहत बैंक आफ इंडिया शाखा बैुकण्ठपुर द्वारा बॉटी दी गयी। जानकारी के अनुसार बैकुण्ठपुर क्षेत्र के हितग्राहियों के द्वारा भी फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार कर इसी तरह 27 लाख 59 हजार रूपये की राशि केसीसी योजना के माध्यम से प्राप्त कर लिये थे।
कई लोगों को फर्जी लोग बांटे गए हैं
सोनहतक्षेत्र के हितग्राहियों को फर्जी तरीेक से कई लोगो को मिलाकर लाखों के लोन बॉटे गये। प्राप्त जानकारी के अनुसार बेबी साहू को 7 लाख रूपये, सुरेंद्र कुशवाहा को 6 लाख रूपये, अनिल सिंह को 9 लाख साठ हजार, दरोगी को 9 लाख बीस हजार रूपये, अरविंद पांडेय को 9 लाख रूपये, नीलम पांडेय को 7 लाख रूपये, चंद्रशेखर को 8.50 आठ लाख, राज कुमार को 6 लाख अस्सी हजार रूपये, बुद्धु सिंह को 2.45 लाख रूपये, रामप्रसाद को 5 लाख रूपये, सिमला कुशवाहा को 9 लाख 80 हजार, धमेंद्र कुशवाहा के द्वारा श्री निवासन के नाम पर 3.45 लाख रूपये आरोपियों द्वारा सत्यापित कूटरचित फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर तत्कालीन बैंक आफ इंडिया के शाखा प्रबंधक के.के सिंह स्वीकृत कराया था।
कई आरोपी पुलिस पकड़ से आज तक बाहर हैं
आरोपियोंमें से कई आरोपी पुलिस पकड़ से बाहर है वहीं कुछ आरोपी जमानत पर बाहर हैं। इसी तरह बैकुण्ठपुर विकासखंड में भी हुई केसीसी लोन फर्जीवाड़े में कई लाख रूपये आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को बॉटा गया। लोन स्वीकृत कराने में दलालों की मुख्य भूमिका रही जिनके द्वारा राजस्व बैंक के कर्मियों को मिलाकर फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया। इन आरोपियों की पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है।
जांच करने के लिए आई टीम के सदस्य पूछताछ करते हुए।