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जन्म-मृत्यु के पंजीकरण की अनिवार्यता जरूरी
जन्म-मृत्यु पंजीयन अधिनियम एवं छत्तीसगढ़ शासन के नियम के तहत सभी जन्म-मृत्यु का पंजीयन अनिवार्य है। जन्म-मृत्यु पंजीयन की प्रक्रिया के विभिन्न चरणों की जानकारी देने के उद्देश्य से शुक्रवार को कमिश्नर कार्यालय में कलेक्टर्स कांफ्रेंस में संयुक्त सचिव, निदेशक एवं संयुक्त रजिस्ट्रार जन्म-मृत्यु पंजीकरण श्रीमती रेणु जी पिल्ले ने कलेक्टरों को मार्गदर्शन दिए।
बैठक में सरगुजा संभाग के कमिश्नर टीसी महावर सहित सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, जशपुर एवं कोरिया जिले के कलेक्टर, उपायुक्त एवं जिला पंचायतों सीईओ उपस्थित थे। बैठक में श्रीमती पिल्ले ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जन्म-मृत्यु पंजीयन के आंकड़ों की समीक्षा करते हुए शत-प्रतिशत पंजीयन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जन्म पंजीकरण में सकारात्मक सुधार देखने को मिला है, परंतु मृत्यु के पंजीयन में सुधार करने की आवश्यकता है। उन्होंने आकड़ों के माध्यम से बताया कि वर्ष 2013 में कोरिया में 72 प्रतिशत, सूरजपुर में 66 प्रतिशत, सरगुजा में 78 प्रतिशत, बलरामपुर में 93 प्रतिशत एवं जशपुर में लगभग 71 प्रतिशत जन्म पंजीकरण दर्ज किए गए हैं। संभाग के जिलों में जन्म पंजीकरण में प्रगति आई है। उन्होंने जिला कलेक्टरों से शेष प्रकरणों का अभियान चलाकर पंजीयन करने कहा। बैठक में सरगुजा कलेक्टर श्रीमती ऋतु सैन, कोरिया कलेक्टर एस प्रकाश, कलेक्टर हिम शिखर गुप्ता, कलेक्टर जीआर चुरेंद्र, कलेक्टर एलेक्स पाॅल मेनन, सुधाकर खलखो, एपी संाडिल्य तथा सभी परियोजना निर्देशक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।