बिना भवन के चल रहे सरकारी कार्यालय
आजसे ठीक एक महीने बाद आगामी 1 नवंबर को प्रदेश में राज्योत्सव मनाया जाएगा। इसमें देश के कई नामीगिरामी कलाकारों, हस्तियों, रंगकर्मियों, फिल्मी अभिनेताओं को बुलाकर भारी भरकम राशि खर्च की जाएगी। पर नए प्रदेश गठन के एक दशक बीत जाने के बाद भी कोरिया जिले के मनेन्द्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र में तस्वीर नहीं बदली है। आज भी ऐसे कई शासकीय कार्यालय हैं जो किराए के भवनों में चल रहे हैं। आखिर ये कैसा विकास है।
शासकीयभूमि पर अतिक्रमण: नगरमें कई शासकीय कार्यालय आज भी किराए के भवनों में संचालित किए जा रहे हैं। प्रशासन द्वारा यहां शासकीय भूमि का अभाव बताकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली गई है। लेकिन वही अधिकारी ये क्यों नही बताते कि शहर में शासकीय भूमि इसलिये नही बचीं कि उसमें अतिक्रमणकारियों ने कब्जा कर लिया है। वहीं दूसरी ओर वर्षों से निजी भवनों में चलने वाले शासकीय कार्यालय भवन इतने जर्जर हो चले हैं कि वहां कामकाज ठीक तरह से सम्पादित नहीं हो पा रहे हैं।
निजीभवनों में शासकीय कार्यालय: शहरके कई वार्डो में आज भी निजी भवनों में शासकीय कार्यालयों का संचालन हो रहा है जिसमें नदीपार वार्ड क्र. एक अहमद कॉलोनी स्थित रोजगार कार्यालय, उद्योग कार्यालय, आबकारी, नाप-तौल विभाग, कृषि उपज मण्डी एवं बस स्टैण्ड स्थित डाक घर कार्यालय कुछ ऐसे शासकीय कार्यालय हैं जो शासन को भरपूर आय देने के बाद भी अपने स्वयं के भवन के लिये तरस रहे हैं। स्थानीय मुख्य डाकघर की दशा सबसे दयनीय है मनेन्द्रगढ़ में यह कार्यालय कई वर्षों से संचालित है, लेकिन आज तक डाक विभाग का भवन नहीं बनाया गया है जिसके कारण कार्यालय का कार्य ठीक तरह से सम्पादित नहीं हो पा रहा है। किराये के भवन में चल रहे डाकघर के अत्यंत जर्जर हो जाने से बरसात में जलमग्र कार्यालय में कार्य भी बुरी तरह प्रभावित होता है।
नाप तौल कार्यालय
कृषि उपज मंडी समिति
एसडीओ कार्यालय
जिला रोजगार कार्यालय
जिला व्यापार उद्योग केंद्र
भूमि का अभाव बताकर सभी ने अपना पल्ला झाड़ा
गौरतलबहै कि मनेन्द्रगढ़ में मध्यप्रदेश शासनकाल में एसडीएम के रूप में पहली पदस्थापना वर्ष 1980 में बसंत सिंह की हुई थी और 1982 तक उन्होंने अपनी सेवाएं दी इसके बाद लगभग दो दर्जन एसडीएम यहाँ अपनी सेवाएं दे चुके हैं और वर्तमान में मान सिंह ठाकुर एसडीएम के रूप में मनेन्द्रगढ़ अनुभाग में अपनी सेवाए