तीरंदाजों और पदकों के बीच दक्षिण कोरिया
वेटलिफ्टिंग में पहले
गोल्डकी तलाश
हाल हीमें हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में वेटलिफ्टरों ने गजब का प्रदर्शन किया था। 14 पदक जीते थे। लेकिन इंचियोन में ज्यादा उम्मीद रखें जहां वेटलिफ्टिंग में 15 गोल्ड दांव पर हैं। भारत एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक कभी नहीं जीता है। पिछले गेम्स में तो पदक ही नहीं मिला था। यकीनन, वेटलिफ्टरों पर यह सूखा खत्म करने का दबाव होगा। अगर वे गोल्ड जीत सके तो सोने पर सुहागा।
पदक की उम्मीद इसलिए
दीपिका
इनसे मिलेगी चुनौती
5 वेंनंबर पर है भारत छह में से तीन वर्ग की विश्व रैंकिंग में। सिर्फ एक में टॉप-10 से बाहर है।
4 सभीगोल्ड मेडल जीते थे द. कोरिया ने पिछले गेम्स में। भारत को तीन पदक मिले थे।
8 गोल्डसमेत 24 पदक दांव पर हैं तीरंदाजी में इस बार। पिछली बार चार गोल्ड थे।
द. कोरिया, जापान, चीन, ताइवान, उत्तर कोरिया।
दावेदार
दीपिकाकुमारी, बोम्बाल्या देवी, लक्ष्मीरानी माझी, प्रणीता वर्धवाणी, तरुणदीप राय, जयंत तालुकदार, रजत चौहान, राहुल बनर्जी, अतनु दास
भारत ने 16 तीरंदाज उतारे हैं। इनमें से 7 विश्व चैंपियनशिप और पिछले एशियन गेम्स में भी पदक जीत चुके हैं। कई दुनिया के टॉप-10 खिलाड़ियों में शामिल हैं। दीपिका तो नंबर एक भी रह चुकी हैं। एशियन टीमों में भारत की रैंकिंग दूसरी है। कोच धर्मेंद्र तिवारी कहते हैं, ‘हम कम से कम चार पदक जीतेंगे। सोना जीतने के दावेदार भी हैं।’
1 दिन बाकी