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अभाविप ने बंद कराए कॉलेज

7 वर्ष पहले
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अभाविपने तेरह सूत्रीय मांगों के समर्थन में बुधवार को संभाग के सभी कॉलेजों में बंद का आह्वान किया। परिषद ने कुलपति पर छात्रहित की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी के क्रियाकलाप से ऐसा लगता है कि उन्हें छात्रों की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी मांगों पर पहल नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

सरगुजा विश्वविद्यालय की अध्यक्ष दीक्षा अग्रवाल सहित अभाविप के पदाधिकारियों ने छात्रों की विभिन्न समस्याओं पर विश्वविद्यालय के अड़ियल रवैए की आलोचना करते हुए कहा कि आज तक यहां पर तृतीय चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों की नियुक्त अटकी हुई है। पुनर्मूल्यांकन के सभी नतीजे घोषित नहीं हो पाए हैं। वर्ष 2012 में प्रीपीएचडी परीक्षा मेंे उत्तीर्ण छात्रों को शोध कार्य अभी तक चालू नहीं कराया गया है। उन्होंने छात्रहित से जुड़े मुद्दे को लेकर कुलपति को घेरा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रबंधन तानाशाह तरीके से काम कर रहा है। यदि उनकी समस्याओं का एक सप्ताह के भीतर समाधान नहीं हुआ तो परिषद द्वारा कुलपति हटाओ विश्वविद्यालय बचाओ आंदोलन चलाया जाएगा। परिषद ने दावा किया कि आज के आंदोलन के दौरान सरगुजा, बलरामपुर, सूरजपुर, कोरिया एवं जशपुर के सभी कॉलेज बंद रहे। आंदोलन में अंकित जायसवाल, निशांत गुप्ता, उपेंद्र पांडेय, राजीवरंजन मिश्रा, पवन पांडेय, अंकित केशरी, संतोष द्विवेदी शामिल थे।

एनएसयूआईने बंद को बेअसर बताया: एनएसयूआईके जिला उपाध्यक्ष हिमांशु जायसवाला एवं पीजी कॉलेज के छात्रसंघ सचिव सतीश बारी ने जारी बयान में कहा कि अभाविप द्वारा बुलाए गए बंद का किसी भी कॉलेज के विद्यार्थियों ने समर्थन नहीं दिया। यदि सरगुजा विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष द्वारा बंद बुलाया गया तो इसकी जानकारी सभी कॉलेज के छात्रसंघ प्रभारियों को क्यों नहीं दी गई। यह बंद पूरी तरह से परिषद का था जिसमें छात्रसंघ के पदाधिकारियों का शामिल होना अनुचित है। उन्होंने कहा कि पीजी कॉलेज में सेमेस्टर की परीक्षाएं चल रही हैं, ऐसे में बंद बुलाया जाना गलत है। इसका जवाब यहां के विद्यार्थियों ने स्वयं देते हुए इसका विरोध किया है।

इंजीनियरिंग कॉलेज कराया बंद

लखनपुर.सरगुजाविश्वविद्यालय में व्याप्त अव्यवस्था के विरोध में अभाविप द्वारा शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज बंद कराया गया। यूनिवर्सिटी