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लंबित जीपीएफ प्रकरण पर हाईकोर्ट ने शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए
पिछलेआठ सालों से लंबित भविष्य निधि के एक मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कलेक्टर कोरिया को एक सप्ताह के भीतर लंबित मामले को निराकृत करने का आदेश दिया है। साथ ही अदालत ने कोरिया जिले में ऐसे सभी लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करने को कहा है, ताकि सेवानिवृत्ति के उपरांत किसी को अपनी मेहनत की कमाई के लिए परेशान होना पड़े। न्यायालय के इस फैसले से जिले में अपनी भविष्य निधि के लिए वर्षों से अधिकारियों के दफ्तरों का चक्कर लगा रहे सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है। गौरतलब है कि बद्री प्रसाद गुप्ता राजस्व विभाग में सहायक ग्रेड-2 के पद पर पदस्थ थे वर्ष 2006 में मनेन्द्रगढ़ तहसील कार्यालय में कार्यरत रहते हुए सेवानिवृत्त हुए। पर सेवानिवृत्ति के साल भर बाद भी उन्हें जीपीएफ का भुगतान नहीं किया गया। इस बीच अपने जीपीएफ के भुगतान के लिए वे कई बार सक्षम अधिकारियों के कार्यालयों का चक्कर लगाते रहे। वर्ष 2006 में उन्होंने अपने जीपीएफ प्रकरण को बिलासपुर लोक अदालत में लगाया जहां यह मामला आठ सालों तक चला। इसमें सुनवाई के लिए कलेक्टर कोरिया कार्यालय से नियुक्त किए गए अधिकारी कई बार सरकारी खर्च पर बिलासपुर लोक अदालत के समक्ष उपस्थित हुए और हर बार यह जवाब दिया कि बद्री प्रसाद गुप्ता के जीपीएफ पासबुक के संधारण की कार्रवाई की जा रही है।
अंत में लोक अदालत की कार्रवाई से निराश होकर बद्री प्रसाद गुप्ता ने अपने अधिवक्ता अभिषेक के. सिंह के माध्यम से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के समक्ष रिट याचिका प्रस्तुत कर कहा कि उन्हें पिछले आठ सालों से जीपीएफ की राशि नहीं दी जा रही है। प्रथम दृष्टया मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायाधीश संजय कुमार अग्रवाल ने अंतरिम आदेश देकर दो दिनों के भीतर कलेक्टर कोरिया एस. प्रकाश महालेखाकार कार्यालय के उच्चाधिकारी की दस्तावेजों के साथ उपस्थिति का आदेश दिया। इसके उपरांत दो दिनों बाद कलेक्टर कोरिया एस. प्रकाश हाईकोर्ट के समक्ष पेश हुए और न्यायालय को आश्वासित किया कि एक सप्ताह के भीतर बद्री प्रसाद गुप्ता की जीपीफ की पासबुक महालेखाकार कार्यालय को भेज दी जाएगी। हाईकोर्ट ने कलेक्टर कोरिया को यह भी मौखिक टिप्पणी की कि इस तरह की स्थिति निर्मित हो और कोरिया जिले में ऐसे लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा हो, ताकि सेवानिवृत्ति के उपरांत किसी को अपनी मेहनत की कमाई के लिए परेशान हो