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कैसे सुधरे शिक्षा गुणवत्ता: 1 माह में दो दिन ही खुला डिहुली प्राइमरी स्कूल

4 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता|मनेंद्रगढ़

नवीन शिक्षण सत्र आरंभ हुए एक माह होने को है। पर ब्लाॅक अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला डिहुली का ताला बमुश्किल एक या दो दिन ही खुल सका है। आए दिन स्कूल बंद होने की वजह से यहां बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हुई है।

बच्चे रोज समय पर स्कूल आते हैं और स्कूल में ताला लगा देखकर वापस लौट जाते हैं। अभिभावकों ने इसकी शिकायत विकासखंड शिक्षाधिकारी सहित कलेक्टर कोरिया एवं एसडीएम मनेंद्रगढ़ से की है। इस स्कूल में 65 बच्चे अध्ययनरत हैं। इस विद्यालय में पूर्व में प्रधानपाठक के रूप में संत कुमार भगत एवं माध्यमिक शाला में उच्च वर्ग शिक्षक उमेश कुमार बैगा पदस्थ थे। इनके खिलाफ रोजाना स्कूल नहीं आने जैसी गंभीर शिकायत होने के कारण दोनों शिक्षकों को नवंबर 16 में निलंबित कर दिया गया है। इसके बाद जिन्हें जिम्मेदारी दी गई वे भी स्कूल नहीं आते।

इनका कहना है
सीईओ जनपद पंचायत मनेंद्रगढ़ सुमन राज का कहना है कि कलेक्टर कोरिया व सीईओ जिला पंचायत के निर्देश पर प्राथमिक शाला डिहुली का निरीक्षण किया, स्कूल बंद पाया गया। जिला पंचायत सीईओ ने दोनों शिक्षकों को सस्पेंड करने आदेश जारी किया है।

बीईओ मनेंद्रगढ़ शंकरसुवन मिश्रा का कहना है कि दोनों शिक्षकों के निलंबन की कार्रवाई के लिए कलेक्टर कोरिया सहित जनपद व जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को प्रतिवेदन भेजा है। पहले भी इनका वेतन रोका गया था।

दो टीचर अपनी पहंुच का रौब झाड़ते हैं
अधिकारी से दोनों टीचरों की लिखित शिकायत
कई स्कूल टीचर विहीन
प्राथमिक शाला डिहुली में पदस्थ सहायक शिक्षक पंचायत रविंद्र कुमार सिंह और दयाशंकर पैकरा पर विद्यालय नहीं आने का आरोप लगाया जा रहा है । उनमें से रविंद्र कुमार सिंह जनपद पंचायत मनेंद्रगढ़ की अध्यक्ष मानकुंवर आयम एवं दयाशंकर पैकरा सेवानिवृत्त टीआई सदासाय पैकरा का पुत्र बताया जा रहा है। संकुल प्रभारी महादेव गुप्ता ने बताया कि वे जब जांच करने जाते हैं तो दोनों शिक्षक अपनी पहुंच का धौंस दिखाते हैं।

विद्यालय की एक छात्रा बाल कुमारी ने कहा कि अभिभावक जब टीसी की मांग करते हैं तो ये टीचर अजीबोगरीब मांग करते हैं। ग्राम पंचायत डिहुली की सरपंच सोनकुंवर एवं ग्रामीण सूरजकली, पीलाराम, संतलाल, गायत्री, सावित्री, ऊषा देवी, सुंदरकली, सविता, सुलोचिनी, पंच लल्ली बाई, पुनिया, सलोनी सहित कई ग्रामीणों ने विकासखंड शिक्षाधिकारी शंकरसुवन मिश्रा से दोनों शिक्षकों के खिलाफ लिखित शिकायत करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

प्राथमिक शाला डिहुली ही नहीं ब्लाॅक के कई शासकीय विद्यालय ऐसे हैं जहां शिक्षकों की कमी से बच्चों की पढ़ाई बेहाल है। पड़ताल में पता चला है कि माध्यमिक शाला ग्राम पंचायत महाराजपुर, सोनहरी, पाराडोल, भौता, छिपछिपी एवं प्राथमिक शाला बरबसपुर के झापरपारा, ग्राम पंचायत शिवगढ़, नगर पंचायत नई लेदरी अंतर्गत पुरानी लेदरी प्राथमिक शाला शिक्षकविहीन हैं। इसका असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। ग्राम पंचायत सोनहरी स्थित माध्यमिक शाला में आठ सालों से एक भी शिक्षक नहीं है। पुरानी लेदरी प्राथमिक शाला में एक साल से शिक्षक नहीं है।

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