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स्क्वैश में गोल्ड की उम्मीद, बैडमिंटन में राह मुश्किल

7 वर्ष पहले
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बैडमिंटन में सात गोल्ड समेत 28 पदक दांव पर। पिछली बार भी इतने ही थे लेकिन भारत को एक भी नहीं मिला था। भारत को पीवी. सिंधु, साइना नेहवाल, पी. कश्यप से उम्मीदें हैं। लेकिन इन्हें पदक तभी मिलेगा जब वे अपने से बेहतर रैंकिंग वाले चीनी-कोरियाई खिलाड़ियों को हराएंगे।

सिंधु-साइना के सामने चीनी दीवार

गोल्ड मेडल जीते थे सोमदेव देववर्मन ने पिछले गेम्स में।

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पदक(5 गोल्ड) जीते थे चीन ने पिछले एशियन गेम्स में।

6 पदक(3 गोल्ड) जीते थे मलेशिया ने एशियन गेम्स 2010 में। भारत ने 3 कांस्य पदक।

मलेशिया बड़ी चुनौती

मलेशियाबड़ी ताकत। एशिया की टॉप 2 महिला खिलाड़ी निकोल डेविड, लो वी वेर्न वहीं से हैं। उसके अलावा पाकिस्तान से कड़ी चुनौती मिलेगी।

सौरव और दीपिका पर निगाहें

स्क्वैश में 4 गोल्ड समेत 16 पदक दांव पर। हमने 8 खिलाड़ी उतारे हैं। इनमें शामिल सौरव घोषाल एशिया के नंबर एक खिलाड़ी हैं। दीपिका पल्लीकल और जोशना चिनप्पा एशिया की टॉप-5 महिला खिलाड़ियों में शामिल हैं।

टेनिस में सात गोल्ड समेत 28 पदक दांव पर। भारत ने पिछली बार 5 पदक जीते थे। इस बार ऐसी उम्मीद नहीं है। क्योंकि टीम में एकमात्र सितारा खिलाड़ी सानिया मिर्जा ही हैं। पेस, बोपन्ना, सोमदेव नहीं खेल रहे हैं। ऐसे में पदक दिलाने का दारोमदार सानिया पर रहेगा।

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