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दिन संवर सकते हैं सर्पज्ञान केंद्र के

7 वर्ष पहले
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डीएफओ ने किया मरम्मत सुधार का आंकलन

लोगों को मिलेगी जानकारी

भास्करन्यूज. अंकिरा

तपकरा के सर्पज्ञान केंद्र के दिन संवर सकते है। शुक्रवार को डीएफओ के मार्चियों ने केंद्र पहुंच कर जायजा लिया था। उनके साथ कुनकुरी वन एसडीओ यूके मजूमदार, तपकरा रेजर जेपी दुबे सहित वन अमला मौजूद था। अिधकारियांे ने सर्पज्ञान केंद्र के भवन एवं परिसर स्थल में मरम्मत एवं सुधार का आकलन किया।साथ ही इसके सुचारू रूप से संचालन के लिए कई महत्वपूर्ण जानकारी ली।

इसके बाद श्री माचियों स्टाफ के साथ घुमरा पंहुचे एवं केंद्र से जुडे़ सदस्यों से मुलाकात की उनसे चर्चा की। केंद्र के लिए जरूरी संसाधनों की भी उन्होंने जानकारी ली। श्री माचियो ने सदस्यों से कहा कि अगर उन्हे यदि किसी तरह की परेशानी हो रही हो, तो वे बताएं। उसका समाधान किया जाएगा। उन्होंने रेंजर श्री दुबे को इस बारे में जरूरी निर्देश दिए। इसके बाद श्री माचियो कांसाबेल के घोघरा नदी किनारे स्थित पुराना नर्सरी का जायजा लिया एवं वहां के विस्तार संबंधी जायजा लेकर जरूरी चर्चा की। उल्लेखनीय है की वनपरिक्षेत्र तपकरा नागलोक के नाम से जाना जाता है। जहां बारिश की हल्की फुहार होते ही सांपों का निकलना शुरू हो जाता है। जिससे हर वर्ष क्षेत्र के अनेक ग्रामीण इसके शिकार हो जाते हैं। सर्पदंश से बचाव एवं जागरूकता लाने के लिए करीब एक दशक पूर्व तपकरा में सर्पज्ञान केंद्र की स्थापना की गई थी। जिसके लिए लाखों रुपए खर्च कर भवन बनाए गये थे। केंद्र में क्षेत्र के ग्रामीणों को जोड़ा गया था। समय-समय पर कार्यशाला आयोजित कर उन्हे प्रशिक्षण भी दिया जाता रहा। इसके वंाछित परिणाम भी देखने को मिलने लगे थे। पर कुछ दिनों तक चलने के बाद सब ठंडे बस्ते में चला गया। जिससे शासन के लाखों रुपए खर्च होने के बावजूद योजना पर ग्रहण लग गई एवं यह भवन भी अधिकारियों की उपेक्षा का शिकार बना रहा।