‘मां आप दया का स्रोत हैं’ विषय पर हुआ दो दिवसीय सम्मेलन
मां आप दया का स्रोत है विषय पर तामामुण्डा डीनरी कैथोलिक महिला संघ का दो दिवसीय सम्मेलन तपकरा पल्ली में शनिवार एवं रविवार को आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में कुल नौ पल्लियों से लगभग 3 हजार महिलाएं सम्मिलित हुई।
इस कार्यक्रम में धार्मिक प्रवचन के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, नृत्य, नुक्कड़ नाटक के साथ मिस्सा पूजा सम्पन्न की गई। सम्मेलन के दूसरे दिन मनन चिंतन प्रार्थना खरीबहार पल्ली द्वारा संचालित की गई। मिस्सा पूजा मुख्य अनुष्ठाता विशप के सचिव फादर प्रफुल्ल बड़ा के द्वारा सह अनुष्ठाता तामामुण्डा डीनरी के डीन फादर अरविंद टोप्पो तथा तपकरा पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर जोर्ज खलखो के सहयोग से सम्पन्न कराई गई। मिस्सा पूजा के अन्तर्गत धार्मिक गीत तथा अन्य गतिविधियों का संचालन तपकरा पल्ली वासियों द्वारा किया गया। मुख्य अनुष्ठाता फादर प्रफुल्ल बड़ा ने अपने प्रवचन में येसू ख्रीस्त की तीन परीक्षाओं में विजय पाने का उल्लेख करते हुए कहा कि हम भी विभिन्न परीक्षाओं और प्रलोभनों में फंस जाते है ऐसे समय में यीसु ख्रीस्त की तरह आध्यात्मिक शक्ति और पवित्र आत्माओं की प्रेरणा व ईश्वर के वचन से विजय प्राप्त कर सकते है।
अगले चरण में मुख्य अतिथि फादर प्रफुल्ल बड़ा के द्वारा मां आप दया के स्रोत है विषय पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने कहा कि संत पापा फ्रांसिस ने इस वर्ष को दया वर्ष के नाम से घोषित किया है। यह वर्ष आठ दिसम्बर 2015 से 20 अक्टूबर 2016 तक रहेगा। अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि ईश्वर दया प्रेम, क्षमा एवं करूणा से परिपूर्ण है। प्रत्येक व्यक्ति को भी इन गुणों को अपने जीवन में उतारना चाहिए। अपने उद्बोधन में उन्होंने यह भी संदेश दिया कि दया वर्ष में प्रत्येक व्यक्ति को शारीरिक तथा आध्यात्मिक रूप से दया का कार्य करना चाहिए। वक्ता का धन्यवाद ज्ञापन तीलगा पल्ली के द्वारा किया गया। सिस्टर शीलवंती लकड़ा के द्वारा भी संबोधन के साथ कार्ययोजना बताई गई। कार्यक्रम के समापन के अवसर पर डीनरी की उपाध्यक्ष श्रीमती सुशीला लकड़ा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के उपरांत फादर अरविंद टोप्पो डीन के द्वारा ध्वज उतारकर दो दिवसीय सम्मेलन का समापन किया गया। दो दिवसीय कैथोलिक महिला संघ सम्मेलन का शुभारंभ मां मोनिका के चित्र का अनावरण तमामुण्डा डीनरी की महिला संचालिका सिस्टर ईस्राएली केरकेट्टा द्वारा किया गया तथा माल्यापर्ण, दीप प्रज्ज्वलन एवं आरती फादर अरविंद टोप्पो डीन तथा अतिथियों के द्वारा की गई. इस सम्मेलन में तपकरा पल्ली पुरोहित फादर जॉर्ज खलखो द्वारा स्वागत संबोधन दिया गया तथा स्वागत गान तपकरा पल्ली के सदस्यों द्वारा प्रस्तुत किया गया। दारूपीसा पल्ली के सहायक पल्ली पुरोहित फादर शांति प्रकाश बड़ा के द्वारा सम्मेलन के आदर्श वाक्य पर वक्तव्य दिया गया। संत अन्ना कांन्वेंट की सिस्टर सेवती पन्ना के द्वारा भी इस विषय पर संदेश देते हुए उन्होंने महिलाओं पर हो रहे अत्याचार, शोषण, एवं बलात्कार इत्यादि का जिक्र करते हुए कहा की इन बुराइयों से लड़ने के लिए हमें जागरूक तथा एक होकर कार्य करने की आवश्यकता है।इस सम्मेलन में बाईबल प्रश्नोत्तरी, आराधना, रोजरी विनती तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस महिला सम्मेलन में तामामुण्डा डीनरी की नौ पल्लियों कोतबा, भेलवां, दारूपीसा, केरसाई, खरीबहार, सूंडरू, तीलंगा, तामामुण्डा तथा तपकरा पल्ली की काथलिक महिलाएं सम्मिलित हुई।
सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करती समाज की बच्चियां।
धार्मिक आयोजन