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सागौन लकड़ी के साथ जब्त दो वाहन को विभाग ने किया राजसात
कुनकुरी. कुनकुरीमें अपनी पदस्थापना के तुरंत बाद एसडीओ यू.के. मजूमदार ने लकड़ी चोरी करनेवाले संपन्न अपराधियों के दो अलग अलग प्रकरण से संबंधित दो गाड़ियों को राजसात कर वन अपराधियों में हड़कंप की स्थिति निर्मित कर दी है। एक साल पहले 29 जुलाई 1अगस्त को दो अलग-अलग मामले में सागवान लकड़ी के साथ दो वाहन पकड़े गये थे।
पहला मामला कुनकुरी निवासी श्रीमती लक्ष्मीदेवी श्रीवास्तव का है। जिसके पिकअप वाहन को सागवान के 24 नग लट्ठे सहित पुलिस ने पकड़ा था। पुलिस ने वन विभाग को प्रकरण सौंपा। तत्कालीन एसडीओ व्ही.के.साहू ने 30 सितम्बर 2013 को राजसात की कार्यवाही शुरू की थी। वर्तमान एसडीओ श्री मजूमदार ने तत्काल सुनवाई पूरी करते हुए 10 सितम्बर 2014 को प्रकरण निराकृत करते हुए पिकअप क्रमांक जेएच 07 डी 6038 को जप्त लकड़ी समेत शासन के पक्ष में राजसात किया।
दूसरा मामला उसी वर्ष में तीन दिन बाद ही 1 अगस्त 2013 की रात का है जिसमें कुनकुरी विकासखंड के ढोढीडांड निवासी युधिष्ठिर यादव की सूमो गोल्ड वाहन को वन सुरक्षा समिति के सदस्यों ने सागौन की लकड़ी सहित पकड़ा था, पचास हजार से ज्यादा बाजार मूल्य के सागौन लकड़ी चोरी के मामले में तत्काल राजसात की कार्रवाई शुरू की गई। 1 अगस्त 2013 को शुरू की गई प्रकरण की सुनवाई के बाद 20 अगस्त 2014 को एसडीओ यू.के.मजूमदार ने प्रकरण का निराकरण करते हुए टाटा सूमो गोल्ड को जप्त लकड़ी सहित शासन के पक्ष में राजसात किया। इन दोनों प्रकरणों में सक्षम प्राधिकारी एवं उप वन मंडलाधिकारी न्यायालय के आदेश की जानकारी को देते हुए श्री मजूमदार ने बताया कि जंगल के अपराध को लोग आज भी उतनी गंभीरता से नहींं लेते है। जागरूकता के साथ-साथ लापरवाही अधिक है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे गंभीर अपराध के बाद अपराधी रसूख के बल पर छूट जाने की सोचें वर्ना गाड़ी राजसात कर नीलाम होने से किसी भी प्रकार से बचा नही जा सकता है।