ग्रामीणों ने गांव छोड़ने का लिया निर्णय
शुक्रवारको तपकरा वन परिक्षेत्र के महुआडीह निवासी ठाकुर राम को हाथी ने मार डाला था। इसके अलावा हाथी गांव के 25 मकान तोड़ चुके हैं। शुक्रवार की रात सभी ग्रामीणों ने एकजुट होकर रतजगा किया। जिससे एक रात के लिए बच्चे एवं परिजन सुरक्षित रहे। वही निर्णय भी लिया कि शनिवार की सुबह गांव छोड़कर वे दूसरे गांवों एवं रिश्तेदारों के यहां शरण लेंगे।
शनिवार की सुबह 10 बजे कुनकुरी विधायक रोहित साय पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को तसल्ली और समझाईश दी। जिसके बाद ग्रामीणों ने गांव में ही रहने की हिम्मत जुटाई। विधायक ने मौके पर उपस्थित तपकरा रेंजर जेपी दुबे को हाथियों से सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की हिदायत दी। साथ ही कहा किसी भी गांव से हाथी के आंतक की सूचना मिलते ही तुरंत पहुंचने की व्यवस्था करें। साथ ही 24 घंटे मोबाइल यूनिट टीम बनाकर तैयार रहने को भी कहा। विधायक ने रेंजर से कहा कि हर गांव कस्बे में विभागीय अधिकारियों कर्मचारियों के मोबाइल नंबर उपलब्ध कराएं। श्री साय मृतक ठाकुर राम की प|ी सुशीला बाई, पुत्री मंजू बाई, प्रभावती बाई एवं पुत्र संजूराम से उनके घर जाकर मिले एवं संवेदना व्यक्त की।
नुकसान का लिया जायजा
विधायकश्री साय अपने वाहन को छोड़कर बाइक से पूरे गांव में घूमे एवं हाथियों द्वारा पहुंचाए गए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने सागो बाई और इंद्रावती दोनों निशक्त बहनों से भी मिलकर उन्हें ढाढ़स बंधाया और उचित व्यवस्था करने का भरोसा दिया। सरपंच ईश्वर साय एवं ग्रामीणों ने हाथी भगाने के उचित उपाय नहीं जानने एवं कम मुआवजा मिलने की बात विधायक से कही। विधायक ने मौके पर रेंजर को वास्तविक नुकसान का उचित मुआवजा बनाने की सख्त हिदायत दी। साथ ही हाथियों से बचाव के बैनर-पोस्टर लगाने को कहा एवं पहले की तरह इस विषय पर कार्यशाला आयोजित कर हाथियों से बचाव के उपाय बताने को कहा। इसके अलावा पीड़ित परिवारों को 10-10 किलो चावल प्रदान करने को कहा।
श्री साय के साथ सरपंच ईश्वर साय, डीडीसी वेदप्रकाश भगत, किरण सिंह, सुनाधर विशाल, बैजनाथ साय, मुक्तेश्वर साय, गौतम चौहान, धनसाय भगत सहित सैकडों ग्रामीण उपस्थित थे।
कई लोग ले रहे स्कूलों में शरण
हाथियोंने करीब 25 ग्रामीणों के मकान को तोड़ दिया है। इनमें से कई घर ऐसे हैं, जहां रहना संभव नहीं है। ऐसे ग्रामीण यहां के स्कूल