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डायरिया से बैगा की मौत, पीड़ित कोटा रेफर

7 वर्ष पहले
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अचानकमारटाइगर रिजर्व क्षेत्र के वनग्राम सारसडोल में डायरिया से बैगा युवक की मौत हो गई। इस खबर से स्वास्थ्य विभाग प्रशासन में हड़कंप है। पिछले दो दिनों से अिधकारी स्वास्थ्य विभाग की टीम वहां डेरा डाले हुए है। शिविर लगाकर ग्रामीणों की जांच की जा रही है।

सारसडोल में लगाए गए स्वास्थ्य विभाग के शिविर में शनिवार को 16 ग्रामीण डायरिया पीड़ित मिले। सभी को स्वास्थ्य केंद्र कोटा रेफर किया गया। रविवार को जांच में 15 और डायरिया पीड़ित मिले, इनमें से तीन को कोटा रेफर किया गया है। शेष का गांव में ही इलाज किया जा रहा है।

डायरियासे भोला की मौत: सारसडोलमें 22 वर्षीय भोला बैगा पिता मिलाप की डायरिया से मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार उसे उल्टी-दस्त की शिकायत थी। मौत का कारण डायरिया होने के साथ ही वनग्रामों में समुचित इलाज की व्यवस्था नहीं होना बताया गया। खबर मिलते ही स्वास्थ्य विभाग प्रशासनिक अिधकारियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में एसडीएम ने नायब तहसीलदार शशि कुमार चौधरी स्वास्थ्य विभाग की टीम को ग्राम सारसडोल भेजा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम ने शनिवार को 36 ग्रामीणों की जांच की इसमें से 16 मरीज डायरिया से पीडि़त पाए गए। रविवार को भी शिविर लगाया गया। इसमें 3 मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोटा रेफर किया गया। शेष पीड़ितों का गांव में ही इलाज किया जा रहा है।

डायरियाकी वजह कुएं का गंदा पानी: जांचमें पाया गया कि ग्रामीण जिस जिस कुएं का पानी पी रहे थे वह काफी गंदा है। इसके कारण ही ग्रामीण बीमार पड़ रहे थे। एसडीएम के निर्देश पर पीएचई की टीम ने कुंआ हैंडपंप के पानी की जांच की और ग्रामीणों को उसमें का पानी पीने से मना किया।

ग्रामीणों का इलाज किया जा रहा है

^शनिवारको जांच में 16 मरीज डायरिया पीडि़त पाए गए थे। सभी को कोटा रेफर किया गया था। गंभीर स्थिति होने के कारण सात मरीजों को बिलासपुर रेफर किया गया। रविवार को जांच में 12 मरीज डायरिया पीडि़त पाए गए। इनमें से तीन को कोटा रेफर किया गया। शेष का गांव में ही इलाज किया जा रहा है। बीएमओ, कोटा स्वास्थ्य विभाग की टीम नायब तहसीलदार दो दिन से गांव में शिविर लगाकर ग्रामीणों के इलाज में लगे हुए हैं। डाॅ.जीएस दाऊ, बीएमओ,लोरमी