मॉडल स्कूल की हालत सुधारने को लिखा पत्र
वेदपरसदामें तीन करोड़ की लागत से बने नवनिर्मित माॅडल स्कूल भवन की हालत देख विधायक दिलीप लहरिया ने भौंचक रह गए। ब्लाॅक में संचालित इस एकमात्र माॅडल स्कूल के तीन सौ बच्चों को पढ़ाने के लिए आठ शिक्षक सहित अन्य अव्यवस्थाएं देखकर स्कूल के प्रति शासन-प्रशासन के उपेक्षापूर्ण व्यवहार के प्रति अफसोस जताते हुए विधायक ने शासन को पत्र लिखकर व्यवस्था सुधरवाने की बात कही।
वेदपरसदा के माॅडल स्कूल में लोक निर्माण विभाग ने ठेकेदार के माध्यम से तीन करोड़ की लागत से नया भवन बनवाया है। इसकी हालात यह है कि कमरे की छत से पानी टपकता है। कई जगह से दीवार क्रेक हो चुकी है। बरसात में बच्चों को पढ़ने में परेशानी होती है। जब भवन बन रहा था तब ग्रामीणों ने आवाज उठाई थी पर तत्कालीन एसडीओ ने ध्यान नहीं दिया। भवन बनने के बाद दीवारों से पानी का पसीजना, छत से पानी टपकने लगा था। इन कमियों पर ध्यान देते हुए मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह से भवन का उद्घाटन कराकर लोक निर्माण विभाग ने स्कूल प्रबंधन को भवन की चाबी सौंप दी। इस ब्लाॅक को 2011 में वेदपरसदा में शासकीय माॅडल स्कूल की स्वीकृति मिली। अपना स्वयं का भवन होने से उधार के भवन में कक्षाएं शुरू की गई। पिछले सत्र में यहां 13 शिक्षक-शिक्षिकाएं थे। दर्ज संख्या के हिसाब शासन के नियमानुसार 16 शिक्षक होने चाहिए पर यहां मात्र 8 शिक्षक हैं। इस दौरान ब्लाॅक कांग्रेस अध्यक्ष कौशल पाण्डेय, विधायक प्रतिनिधि कृष्ण कुमार निर्णेजक, मालिकराम डहरिया, रघुराज पाण्डेय, पुत्तन दुबे, सहित ग्रामीण स्टाफ उपस्थित थे।
3 सौ बच्चे 8 शिक्षक
संस्थाके प्रभारी प्राचार्य बीएस क्षत्री ने बताया कि तीन सौ बच्चों के लिए मात्र 8 शिक्षक हैं। शासन से बार-बार मांग करने के बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। संस्था को एक कंप्यूटर शिक्षक मिल चुका है। पर शासन ने कंप्यूटर नहीं दिया है। माॅडल स्कूल एक तरह से इंग्लिश मीडियम होता है। पर यहां इंग्लिश का शिक्षक नहीं है। विधायक ने माॅडल स्कूल की स्थिति पर चिंता जताई।