सड़क किनारे लहलहाते ये सूरजमुखी के पौधे बसंत के आगमन का संदेश दे रहे
सूरजमुखी के बीज से तेल निकाला जाता है। प्रदेश में इसकी पैदावार कम होती है।
मस्तूरी ब्लॉक के बलौदा गांव के पास सड़क किनारे सूरजमुखी की खेती की गई है। किसान ने अभी दो एकड़ में इसकी फसल ली है। वहां से गुजरते ही लोगों का ध्यान सहसा इस ओर चला जाता है। पीले फूलों से लदे ये खेत मानों वसंत के आगमन का संदेश दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ में प्राय: इसकी खेती कम ही होती है। किसान ने बताया कि उसने पहली बार इसकी फसल ली है। इसे देखने के बाद आसपास के किसान भी आकर्षित हुए हैं। उत्पादन अच्छा हुआ तो आगे भी वे फसल लेंगे। क्षेत्र में इसके अलावा मसूर और चने की फसल भी ली गई है।