लाउडस्पीकर व डीजे बजाने पर रोक
स्कूल और कॉलेजों की परीक्षाओं को लेकर ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयाेग पर जिला दंडाधिकारी एवं कलेक्टर ने रोक लगा दी है। विशेष परिस्थितियों में स्कूल काॅलेज और सरकारी संस्थाओं से दो सौ मीटर दूर ही इसके उपयाेग की अनुमति दी जाएगी।
जिला दंडाधिकारी डाॅ. संजय अलंग ने छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 04 के तहत जिले में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर रोक लगा दी है। कॉलेज, माध्यमिक शिक्षा मंडल व सीबीएससी की 10 वीं और 12 वीं की परीक्षाएं जल्दी ही शुरू होगी। इसे लेकर क्षेत्र में होने वाले वैवाहिक कार्यक्रमों, जुलूस, आम सभा, रैली, प्रचार माध्यमों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर रोक लगाई गई है।
सड़क, आबादी वाली बस्तियों, गलियों, कालोनियों में तेज आवाज पर लाउड स्पीकर व डीजे का उपयोग से छात्र-छात्राओं का अध्ययन प्रभावित होता है। इसके साथ ही लाउड स्पीकर व डीजे की शोर गुल से बुजूर्ग व बीमार लोगों को भी दिक्कत होती है। ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग विशेष परिस्थितियों में अनुमति लेकर ही जा सकेगा। साधारण ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग धीमी आवाज में की जा सकती है। लंबे चोंगे वाले लाउड स्पीकर के उपयोग पर पूरी तरह रोक है। ऐसे ही समूह में लाउड स्पीकर लगाने पर भी रोक लगा दी है।
इनसे लेना होगा परमिशन
अनुमति जिला व ब्लाक मुख्यालय में एसडीएम, तहसील मुख्यालयों में तहसीलदार , उप तहसील में अतिरिक्त तहसीलदार, नायब तहसीलदार जारी करेंगे। ग्रामीण इलाकों के लिए संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी से परमिशन लेना होगा।
सामान्य परिस्थितियों में भी रोक
रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयाेग पर पूरी तरह रोक रहेगी। शैक्षणिक संस्थाओं, रिहायती क्षेत्रों, अस्पताल, नर्सिंग होम, कोर्ट परिसर, सरकारी आफिस, हाॅस्टल, नगर पालिका परिषद, जनपद पंचायत व अन्य स्थानीय निकाय के आफिस, बैंक, पोस्ट आफिस, दूरभाष केंद्र आदि से 2 सौ मीटर के अंदर ध्वनि विस्तार यंत्रों के उपयोग पर रोक सामान्य परिस्थितियों पर भी रहेगा।