सील दुकान की चाबी...
सील दुकान की चाबी...
सीलिंगके दौरान दुकान संचालक प्रणय जुनेजा ने विरोध किया, लेकिन अमले ने कार्रवाई पूरी की। सीलिंग के बाद निगम अमला लौटने लगा, तब जुनेजा समेत कुछ व्यापारियों ने प्रमिल शर्मा और असिस्टेंट इंजीनियर गोपाल सिंह ठाकुर को घेरकर तीखे लहजे में पूछा कि सीलिंग की कार्रवाई किसके कहने पर की जा रही है? सील करने के पहले जानकारी क्यों नहीं दी गई। इसके बाद सील की गई दुकान की चाबी लौटाने के लिए झूमा-झटकी हुई। अमले के प्रभारी प्रमिल शर्मा और निगम कर्मचारियों की काॅलर पकड़ने और धक्का-मुक्की को लेकर विवाद बढ़ा। इसके बाद निगम अमले और व्यापारियों के बीच मार-पीट होने लगी। अमले ने जवाबी कार्रवाई की। व्यापारियों के विरोध के चलते अमला कोतवाली थाने जा पहुंचा।
अधिकारियोंको घेरा, जब्त सामान काऊकैचर से उतारकर सड़क पर फेंका: व्यापारियोंने पहले निगम अमले के प्रभारी प्रमिल शर्मा, फिर एई गोपाल सिंह ठाकुर को घेरा। निगमकर्मी जोर आजमाइश कर उन्हें छुड़ा ले गए तो बिल्डिंग अफसर वीके खेत्रपाल को उनकी कार के पास जा घेरा। बीच बचाव के लिए बाजार विभाग के प्रभारी अनिल सिंह और प्रभारी सब इंजीनियर सौमित्र पहुंचे। कुछ देर में एक के बाद एक सिविल लाइन टीआई सुरेश ध्रुव कोतवाली टीआई आशीष अरोरा वहां पहुंचे और स्थिति संभाली। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद खेत्रपाल निगम लौटे। व्यापारियों की भीड़ ने सामान जब्त कर ले जा रहे निगम के काऊकैचर को रोक लिया। ड्राइवर को धमकी देकर ड्राइविंग सीट से नीचे उतारा। इसके बाद भीड़ ने सड़क किनारे दुकान लगाने वालों से जब्त टेबल, होर्डिंग अन्य सामान को उतारकर सड़क पर फेंकना शुरू कर दिया। एक व्यापारी ने यह कहकर लोगों को रोका कि उन पर सामान चोरी करने की रिपोर्ट लिखवाई जा सकती है। इसके बाद फेंका गया सामान वापस लोड कर दिया गया।
दोदुकानें, एक काॅम्प्लेक्स सील, कार्रवाई रोकने आते रहे कॉल: निगमकमिश्नर रानू साहू के निर्देश पर अतिक्रमण निवारण दस्ते और भवन शाखा ने तेलीपारा रोड पर बसंत जायसवाल के विष्णु प्रिया काॅम्प्लेक्स की लगभग 20 दुकानों को सील किया। काॅम्प्लेक्स में नक्शे के मुताबिक पार्किंग के लिए उपयुक्त जगह नहीं छोड़ी गई है। इससे पहले सदर बाजार करोना चौक के पास पूजा लालवानी के चश्मा संसार नामक दुकान को सील किया गया। दुकान नक्शा पास करवा बिना बनाई गई है। डेढ़ साल पहले भी निगम ने यहां कार्रवाई की कोशिश की तो एक नेता के इशारे पर रोक दी गई। सीलिंग के दौरान कुछ नेताओं ने कार्रवाई रोकने के लिए अफसरों को कॉल किए, लेकिन इस बार कार्रवाई नहीं रोकी गई। अंतिम कार्रवाई शंकर हार्डवेयर को सील कर पूरी की गई।
तेलीपाराके व्यवसायियों ने निगम के खिलाफ की शिकायत: तेलीपाराके व्यवसायियों ने नगर निगम के कर्मचारियों के खिलाफ सिटी कोतवाली थाने में लिखित में शिकायत दर्ज कराई है। व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि उनकी गैर मौजूदगी में निगम के कर्मचारी उनके दुकान में पहुंच गए। नौकरों को बाहर निकाला और दुकान में ताला बंद कर चाबी अपने पास रख लिया। दुकान में पंखे लाइट जल रहे हैं और सामान के साथ गल्ले में रकम भी है। पुलिस ने उनकी शिकायत रख ली है।
10बैंकों को पार्किंग...
इनबैंकों में हर रोज लगभग 200 से 500 लोग आते हैं। इनके वाहनों की पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। ग्राहकों द्वारा सड़क पर वाहन पार्क करने के कारण ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है और आम नागरिकों को असुविधा होती है।
15दिन के भीतर पार्किंग की व्यवस्था के निर्देश: निगमकमिश्नर रानू साहू ने बिना पार्किंग के चल रहे शहर के 10 बैंकों के प्रबंधकों को निगम की भवन शाखा में अनुमति-पत्र और स्वीकृत मानचित्र की कॉपी सात दिन में पेश करने और 15 दिनों में पार्किंग व्यवस्था करने के लिए नोटिस दिया है। निगम की भवन शाखा ने इससे पहले इन बैंकों का सर्वे किया था। जिन बैंकों को नोटिस दिया गया है, उनमें भारतीय स्टेट बैंक कलेक्टोरेट शाखा, एचडीएफसी बैंक मुंगेली नाका, एसबीआई सरकंडा, बैंक आॅफ इंडिया राजेंद्र नगर, एचडीएफसी बैंक जरहाभाठा, यूनियन बैंक पुराना हाईकोर्ट रोड, ओरिएंटल बैंक आॅफ काॅमर्स इंदू चौक, बैंक आॅफ इंडिया दयालबंद, बैंक आॅफ महाराष्ट्र मध्यनगरी चौक, काॅरपोरेशन बैंक श्रीकांत वर्मा मार्ग शामिल हैं।
रातमें मवेशी...
सुबहरामस्वरूप की लाश गांव से बाहर अंधरी तालाब के करीब एक खेत में पाई गई। किसी ने उनकी हत्या कर दी थी। सिर आंखों पर गंभीर चोट के निशान मिले। इसी तरह गले पर बनियान बंधा था। संभवत: इसी से गला दबाया गया था। बाकी कपड़े भी शव के पास ही पड़े हुए मिले। गांव के लक्ष्मण साहू ने इसकी जानकारी रामस्वरूप के भाई पंचराम बरगाह को दी। पंचराम ने पुलिस को सूचना दी।
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