मुंगेली के 85 खरीदी केंद्रों में से 33 केंद्रों में हुआ धान का उठाव
जिले मंे इस बार धान के उठाव में अधिकारियों ने तत्परता दिखाई। जिले के 85 खरीदी केंद्रों में से 33 खरीदी केन्द्रों में शत-प्रतिशत उठाव हुआ है। वहीं अभी तक कुल मिलाकर 99 प्रतिशत धान उठाव की जानकारी अधिकारियों ने दी है।
पिछले साल की तुलना मंे इस साल धान उठाव से खरीदी केंद्र प्रभारियों कों काफी राहत मिली है। पिछले साल शासन ने जिले में लगभग 23 लाख क्विंटल धान की खरीदी थी। लेकिन उठाव में लापरवाही बरतने के चलते राज्य शासन को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। प्राप्त जानकारी के अनुसार बरसात से पहले धान उठाव के मामले में मुंगेली जिला प्रदेश के अंतिम तीन जिलों में गिना जा रहा था। जहां 70 प्रतिशत ही धान का उठाव किया जा सका था। इसके चलते स्थानीय विधायक व प्रदेश के खाद्यमंत्री सहित जिले के अधिकारियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी थी। वहीं कई खरीदी केंद्रों में भारी मात्रा में धान का शॉर्टेज बताया गया था, जिससे शासन को भारी नुकसान झेलना पड़ा था। वहीं कुछ खरीदी केंद्र प्रभारियों के ऊपर अनियमितता बरतने की शिकायत पर शासन ने कार्रवाई भी की थी।
खाद्य मंत्री ने कहा था- लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी
खाद्य व नागरिक आपूर्ति मंत्री पुन्नूलाल मोहले ने जिला प्रशासन व खाद्य विभाग को निर्देश दिया था कि इस बार लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर डाॅ. संजय अलंग ने खाद्य व विपणन विभाग की बैठक लेकर धान खरीदी व उठाव पर विशेष ध्यान देने निर्देष दिए। इसका परिणाम यह हुआ कि धान खरीदी समाप्त होते-होते जिले के 85 खरीदी केंद्रों में से 33 केंद्रों पर शून्य प्रतिशत शॉर्टेज के साथ शत प्रतिशत उठाव हुआ है। वहीं शेष 52 खरीदी केंद्रों में लगभग 99 प्रतिशत धान उठाव किए जाने की जानकारी जिला विपणन अधिकारी हरीश शर्मा ने दी। विपणन अधिकरी शर्मा ने बताया कि आने वाले एक सप्ताह में जिले के सभी 85 खरीदी केंद्रों से शत-प्रतिशत धान का उठाव कर लिया जाएगा। वहीं कुछ एक अधिक मात्रा में धान की शॉर्टेज बताई जा रही है। वहां जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जिला खाद्य अधिकारी राजेश जायसवाल ने बताया कि इस साल धान उठाव में कहीं चूक नहीं हुई है। सभी खरीदी केंद्रों में शॉर्टेज होने की संभावना भी नहीं है। जिन खरीदी केंद्रों में प्रभारियों ने अधिकमात्रा मे शॉर्टेज बताया है, वहां विभागीय जांच कराई जाएगी।
धान खरीदी केंद्र में उठाव के लिए रखा हुआ धान।