पारा गिरा
मौसम का मिजाज सर्द होने से बढ़ने लगी ठिठुरन
तापमानमें गिरावट से ठंड जोर पकड़ने लगी है। इससे वातावरण में ठिठुरन बढ़ गई है। शनिवार को भोर होते ही हल्की बूंदाबांदी के बाद पूरे दिन भर बादल छाए रहने से सूर्य के दर्शन नहीं हो सके। दिन में भी कड़ाके की ठंड महसूस होने से लोग गर्म कपड़ों के अलावा अलाव का भी सहारा ले रहे थे। पिछले तीन दिनो से सर्द हवा चलने से दिन में भी ठंड का अहसास होने लगा था। इस वजह शाम ढलते ही कड़ाके की ठंड ने दस्तक दे दी थी। अचानक हल्की बूंदाबांदी और बदली के मौसम से सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों की मुश्किल बढ़ गई थी। शहर के स्कूलों में सुबह की पढ़ाई में कोई बदलाव नहीं करने से नन्हे बच्चों को सबरे तैयार होकर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है।
अचानक पारे में गिरावट के बाद आमजन जीवन भी प्रभावित होने लगा है। शहर के व्यवसायी सुबह देर से दुकानों में पहुंचने के साथ देर शाम तक अपने प्रतिष्ठान को बंद कर ले रहे हैं। इन दिनों सर्द मौसम हो जाने के बाद स्वेटर और गर्म कपड़ों के साथ ही गर्मागरम खाद्य सामग्री की पूछपरख बढ़ गई है। शाम को चौक चौराहों पर गजक, मुंगफलीपट्टी, पकौडे, जलेबी लोग खूब पसंद कर रहे हैं। ठंड का मौसम में भले ही पंसदीदा खान-पान से कुछ लोग खुश हो रहे हैं, पर यह ठंड दमा के मरीज तथा हृदयरोग वालों के लिए परेशानी का सबब बन जा रही है। ऐसे मरीजों को नियमितत वाक के साथ चिकित्सा परीक्षण करा कर काफी सावधानियां बरतनी पड़ रही हैं।
मरीजोंको सावधानी जरूरी -सिविल अस्पतालमें मेडिसिन विशेषज्ञ डाॅ. पी सुथार का कहना है कि ठंड के मौसम में छोटे बच्चों के अलावा बुजुर्गो की देखरेख में आवश्यक सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अस्थमा के मरीजों को ठंड से बचाव के लिए जरूरी सतर्कता बरतना बेहद जरूरी रहता है। डाॅ.सुथार का कहना था कि इन दिनों ठंड के प्रकोप से छोटे बच्चों को बुखार आने पर तत्काल चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।