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पार्क में कचरे का ढेर और सांपों की बांबी, स्वच्छता की अनदेशी

7 वर्ष पहले
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पूरे देश में स्वच्छता अभियान को लेकर व्यापक प्रचार-प्रसार करने के बाद भी यहां वन विभाग के नंदनझरिया पार्क की कोई सुध नहीं ले रहा है। यहंा हरियाली के सुखद नजारे से भरपूर पार्क अब विरान हो गया है। साथ ही समीप में लगी बांस रोपणी भी बर्बाद होने लगी है।

भरीरी नाला और बड़ा तालाब के बीच इस पार्क की खूबसूरती के चलते ही दूर-दराज से आने वाले उच्च अधिकारी नंदनझरिया के विश्रामगृह में रात्रि विश्राम का कार्यक्रम बनाते थे। पर अब यहंा पर कचरे के ढेर और सांपों की बांबी बन जाने से कोई इधर आने का भी साहस नहीं कर पाता है। पत्थलगांव वन विभाग के अधिकारियों ने नंदनझरिया की हरियाली बढ़ाने में कई साल तक कड़ी मेहनत की थी। इसके बाद यहंा खूबसूरत पार्क का निर्माण हो पाया था। इस पार्क के एक किनारे पर भरारी नाला और दूसरी ओर 20 एकड़ से अधिक भाग में फैले तालाब से इस स्थल की अलग पहचान बन गई थी। वन विभाग ने यहंा विश्राम गुह का निर्माण करा कर बांस रोपणी और विभिन्न प्रजाति के पौधों का बड़ी संख्या में रोपण कराना शुरू किया था। नंदनझरिया पार्क के एक हिस्से में अमरूद का भी काफी बड़ा बगीचा लगाया गया था। यहंा की देखरेख नहीं होने से सब कुछ बदहाली की कगार में पहुंच गया है। इस पार्क की खूबसूरती से प्रभावित होकर यहंा के नागरिक भी अपने सुकून के पल बिताने के लिए इसी पार्क में पहुंचते थे।

इतना ही नहीं बल्कि मार्निग वॉक करने वालों के लिए भी यह पार्क पहली पसंद बन गया था। जिससे यहां अच्छी चहल-पहल लगी रहती थी। अब नंदनझरिया की सफाई और देखरेख की जिम्मेदारी बाकारूमा वन परिक्षेत्र को मिल जाने से यहंा चारों तरफ अव्यवस्था का आलम बन गया है।

पार्क की सफाई नहीं होने से कई प्रजाति के पौधे।

रंग-बिरंगे फूल के पौधे लुप्त

इसपार्क में पहले जहां रंग-बिरंगे गुलाब, गेंदा, चमेली और अन्य दुर्लभ वनौषधि लगी होती थी। वहंा पर अब विरानी के बाद जगह-जगह सांपों और दीमक की बांबी बन गई है। फूलों की खुबसुरती के बदले यहंा सांपों की बांबी को देख कर आने-जाने से लोग यहंा आने में भी भयभीत हो जाते हैं। नंदनझरिया के समीप का वन क्षेत्र की देखरेख करने वाले सारसमार वन समिति के सदस्यों का कहना है कि यहंा की बर्बादी के लिए बाकारूमा के वन अधिकारी ही जिम्मेदार हैं। यहंा पर देखरेख करने वाले वन अमला से विभाग के अधिकारी अपना घरेलू काम कराने के चलते नंदनझरिय