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शक्ति के पर्व में अनुष्ठान से बना उत्सवी माहौल

7 वर्ष पहले
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गुरुवारकी सुबह बाजे-गाजे आतिशबाजी के साथ माता के भक्तों की लंबी कलश यात्रा से यहां उत्सवी माहौल दिखने लगा था। माता के भक्तों ने अलग-अलग जुलूस के साथ सत्यनारायण मंदिर पहुंच कर शुभ मुहूर्त में घट पूजा किया। सार्वजनिक दुर्गा उत्सव के पंडालों में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा की पूजा-अर्चना के साथ या देवी नमस्तस्यै नमस्तस्यै श्लोक का स्वर दूर-दूर तक गूंजने लगा था।

इसके साथ ही शक्ति की राधना का पर्व शारदीय नवरात्रि प्रारंभ हो गया। पूजा-अर्चना और अनुष्ठान के बाद दोपहर को महाआरती की गई। इसमें श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी थी। शहर में दर्जन भर स्थानों पर सार्वजनिक दुर्गोत्सव समितियों द्वारा माता की प्रतिमा और भव्य झांकियों की स्थापना की गई है। नवरात्रि के अवसर पर यहां माता के मंदिरों में भी विशेष साज-सज्जा की गई है। इस बार एक तिथि घटने से आठ दिन में माता के 9 स्वरूपों का पूजन किया जाएगा। माता के मंदिरों में गुरूवार की सुबह से ही भक्तों का तांता लग गया था। यहां के प्राचीन सत्यनारायण मंदिर में प्रमुख पुजारी पं. श्यामसुंदर शर्मा ने सुबह घटस्थापना की। शहर में अंबिकापुर रोड में स्थापित पं.मातु शर्मा दुर्गोत्सव, मंडी प्रांगण दुर्गोत्सव, रायगढ़ रोड दुर्गोत्सव, बाजार पारा दुर्गोत्सव समिति के सदस्यों ने बारी-बारी कलश यात्रा में लंबे-लंबे ध्वज के साथ जोरदार आतिशबाजी का आयोजन किया। यहां पर मां शक्ति की अराधना करने वाले भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। शहर में दर्जन भर से अधिक स्थानों पर दुर्गा उत्सव समितियों ने विद्युत साज-सज्जा के साथ काफी आकर्षक दरबार सजा कर नवरात्रि पूजा प्रारंभ की है।

कलशयात्रा में शामिल महिलाएं

दशहरे की तिथि क्षय होना अच्छा संकेत

ज्योतिषके क्षेत्र में बीते वर्ष राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित प्रमुख ज्योतिषविद डाॅ.शत्रुघ्न त्रिपाठी का कहना था कि 25 सितंबर को हस्त नक्षत्र होने कन्या राशि में प्रवेश होने से विशेष संयोग बन रहा है। उन्होंने कहा कि यह योग व्यापार, व्यवसाय किसानों के लिए श्रेष्ठ रहेगा। 3 अक्टूबर को नवमी और दशहरा एक साथ ही होगा। दोनों एक साथ होने से दशहरे का क्षय हो रहा है। पंचागीय गणना के अनुसार इसे अच्छा माना गया है। डॉ.त्रिपाठी का कहना था कि दशहरे का क्षय होने से पापों का नाश होगा। इस योग से लोगों के विघ्नों का क्षय होता है। इस योग के परिण