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आरक्षण से कई नेताओं को लगा धक्का

7 वर्ष पहले
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नगरीयनिकाय का चुनाव के लिए यहां नगर पंचायत अध्यक्ष पद और वार्डों के आरक्षण में व्यापक बदलाव हो जाने से अनेक नेताओं के चेहरे से आसान जीत की मुस्कान गायब हो गई है। पत्थलगांव नगर पंचायत के लिए अध्यक्ष पद आदिवासी महिला उम्मीदवार और अन्य वार्डों के आरक्षण में काफी फेरबदल हो जाने से यहां का चुनावी मुकाबला रोचक बन गया है।

भाजपा के कब्जे वाली इस नगर पंचायत में वार्डों के आरक्षण के बाद दोनों राजनैतिक दल के नेताओं ने यहां जीतने वाले चेहरों की तलाश तेज कर दी है। पत्थलगांव नगर पंचायत की मौजूदा स्थिति में भाजपा के अध्यक्ष के अलावा उनके 8 पार्षदों की मजबूत टीम थी। इस टीम को 3 निर्दलीय पार्षदों का भी समर्थन मिल जाने से यहां पर कांग्रेस की स्थिति बेहद कमजोर बन गई थी। यहां कांग्रेस पार्टी से चुनाव जीतने वाले 3 पार्षदों में केवल वेदप्रकाश मिश्रा द्वारा ही विकास कार्यों में गड़बड़ी के मामले सामने आने पर विरोध का स्वर तेज किया जाता था। भाजपा की सत्ता होने के कारण कांग्रेसी पार्षद की बातों को बार-बार अनसुना कर दिया जाता था। इसी वजह इस बार कांग्रेसी नेता नगरीय निकाय का चुनाव से पहले गहन मंथन करने में जुट गए हैं। पूर्व विधायक रामपुकार सिंह का कहना है कि नगर निकाय का चुनाव के लिए जल्द ही पार्टी के लोगों की बैठक लेकर चुनाव की रणनीति पर विचार किया जाएगा। वार्डों के आरक्षण में व्यापक फेरबदल हो जाने के बाद अब नए सिरे से उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। श्री सिंह का कहना था कि चुनाव में कांग्रेस स्वच्छ छवि के साथ मतदाताओं के बीच लोकप्रिय रहने वाले चेहरों पर दांव लगाएगी। इससे केवल चुनावी मुकाबला रोचक रहेगा, बल्कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर कांग्रेस अधिक भारी साबित होगी।

आरक्षण से नेताओं को थी बड़ी आस

नगरपंचायत में अपना कब्जा बरकरार रखने के लिए भाजपा नेताओं ने भी वार्डोंं के आरक्षण के बाद बैठकों का दौर शुरू कर दिया है। वार्डों का आरक्षण के बाद भाजपा के कई नेताओं को अपने लिए सुरक्षित वार्डो की तलाश करनी पड़ रही है। वार्ड क्रमांक 10 में कांग्रेस के मौजूदा जिला अध्यक्ष पवन अग्रवाल को नगर निकाय का चुनाव में करारी शिकस्त देने वाले भाजपा नेता अजय बंसल का वार्ड इस बार पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हो जाने से उन्हें अपने लिए नया वार्ड की तलाश करनी पड़ रही है।







आरक्षण के बाद नगर पंचायत उपाध्य