हरियाली योजना से हरे भरे हो रहे गांव
पत्थलगांव|किसानों कीअनुपयोगी एवं बंजर भूमि में हरियाली फैलाने के लिए वन विभाग की हरियाली प्रसार योजना को ज्यादातर किसान पसंद करने लगे हैं। तमता के समीप भैंसामुड़ा के किसान अमीरसाय द्वारा वन विभाग की इस योजना के तहत अपनी भूमि में इस योजना के तहत वृक्षारोपण कराने के बाद अब आसपास के गांवों के किसानों ने भी हरियाली फैलाने की योजना में रुचि दिखानी शुरू कर दी है।
उप वन मंडलाधिकारी व्हीके साहू ने बताया कि पर्यावरण सरंक्षण के साथ किसानों को दोहरा लाभ के लिए शासन की हरियाली प्रसार योजना मिल का पत्थर साबित होगी। उन्होंने बताया कि आगामी वर्ष में हरियाली प्रसार योजना के तहत अपनी भूमि में वृक्षारोपण कराने वाले किसानों को अभी से ही आवेदन देकर समीप के वन कार्यालय में सूचना देनी होगी। किसानों की भूमि में हरियाली का प्रसार करने वाली इस योजना के तहत वन विभाग द्वारा बरसात के पहले नियत समय में गड्ढों की खुदाई का काम करने के साथ संबंधित किसानों को निशुल्क पौधे भी उपलब्ध कराए जाएंगे। श्री साहू ने बताया कि हरियाली प्रसार योजना के तहत प्रत्येक किसान को कम से कम 500 पौधों की रोपाई कराने के लिए भूमि उपलब्ध करानी होगी।
इस भूमि पर पौध रोपण करने के बाद एक वर्ष बाद जीवित रहने वाले पौधों का सरंक्षण करने के लिए वन विभाग द्वारा 2 रुपए प्रति पौधा के हिसाब से प्रोत्साहन राशि भी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि पत्थलगांव उप वन मंडल के सभी वन परिक्षेत्र कार्यालय में पहुंच कर किसान इस योजना के लिए अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। पर्यावरण सरंक्षण के साथ किसानों के लिए लंबी अवधि के लिए लाभप्रद योजना होने के कारण वन विभाग ने पर्याप्त मात्रा में विभिन्न प्रजाति के फलदार छायादार पौधे तैयार करने की पहल शुरू कर दी है।