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छेड़छाड़ के आरोपी को पुलिस ने थाने में ही दे दी जमानत
पत्थलगांव|छेड़छाड़ केमामले को बेहद हल्के ढंग से लेने और आरोपी को थाने से ही जमानत मुचलके पर छोड़ने को कोर्ट ने गंभीरता से लिया। कोर्ट ने विवेचक के इस कृत्य को आपराधिक कृत्य मानते हुए एसआई बीएल कुर्रे के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसपी को आदेशित किया है। न्यायाधीश अशोक कुमार लाल ने पुलिस के खिलाफ कड़ी टिप्पणी किया है।
पत्थलगांव के समीप पाकरगांव की एक महिला के साथ आरोपी पुरनो उर्फ खिरोसागर मोबाइल फोन से अक्सर अश्लील बातें करता था। इसके बाद बीते 23 मई को गांव के ही सुनसान इलाके में हिंसक छेड़छाड़ की घटना को अंजाम दिया था। पीड़ित महिला के कपड़े फाड़ कर उसे लज्जित करने के इस प्रकरण की उसी दिन पत्थलगांव थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पीड़ित महिला ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि इससे पहले भी छेड़खानी करने वाले आरोपी ने उसके घर पहुंच कर आपत्तिजनक हरकत की थी। महिला ने आरोपी के फोन से उसके मोबाइल फोन पर लगातार अश्लील बातें करने का उल्लेख किया था। पुलिस ने इस मामले में भादवि की धारा 354, 354 क, एवं 354 के तहत आरोपी के विरुद्ध अपराध दर्ज करने के बाद विवेचक उप निरीक्षक बीएल कुर्रे ने आरोपी पुरनो महकुल को थाना में ही गिरफ्तार कर जमानत मुचलके पर छोड़ना बताया गया था। इतना ही नहीं बल्कि विवेचक पुलिस अधिकारी ने मामले को बेहद हल्के ढंग से लेकर आरोपी के गिरफ्तारी पत्रक को थाने में ही नष्ट करना बताया है। मामले को जब न्यायालय में पेश किया गया, तो अभियोजन अधिकारी ने अजमानतीय अपराध में आरोपी को थाने में ही गिरफ्तार करने के बाद मुचलके पर जमानत दिए जाने की बात पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की थी। महिला के साथ हिंसक छेड़खानी करने के इस मामले की विवेचना करने वाले पुलिस अधिकारी को अपनी लापरवाही का आभास होने पर उन्होंने 12 मई को पुनः आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया। 15 मई को न्यायाधीश अशोक कुमार लाल ने केस डायरी का अवलोकन करने के बाद इसमें पुलिस की गंभीर लापरवाही को देख कर विवेचक को कड़ी फटकार लगाई। इस मामले में आरोपी को जमानत दिए जाने पर पुलिस को काेई आपत्ति नहीं होने की बात पर न्यायाधीश ने स्पष्ट कहा है कि विवेचक पुलिस अधिकारी को ज्ञान नहीं है अथवा उनके द्वारा जानबूझ कर भ्रष्टतापूर्वक कार्य किया जा रहा है। एक महिला के विरुद्ध गंभीर एवं अजमानतीय अपराध में पुलिस की लापरवाही को देख कर न्यायाधीश ने कोर्