पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • आठ दिन की नवरात्रि, दशहरा के दिन भी मांगलिक कार्य रहेंगे वर्जित

आठ दिन की नवरात्रि, दशहरा के दिन भी मांगलिक कार्य रहेंगे वर्जित

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

{27 कोतृतीया

{28 कोचतुर्थी

{29 कोपंचमी

{30 कोषष्ठी

{1 अक्टूबरको सप्तमी

{2 कोमहाष्टमी

{3 कोमहानवमी और दशहरा

उत्साह में कमी नहीं

गणेशजी के विसर्जन के बाद से ही नवरात्रि का काउंट डाउन शुरू हो जाता है। इस बार नवरात्र का पर्व आठ दिनों का होने के बाद भी लोगों के उत्साह में कहीं पर भी कमी दिखाई नहीं दे रही हैं। यहां नवरात्रि के अवसर पर दुर्गोत्सव समिति के पंडालों में आयोजित होने वाले गरबा उत्सव में भाग लेने वाले प्रतिभागी अभी से ही प्रैक्टिस में जुट गए हैं। इस पर्व को लेकर शहर के युवक युवतियों में खासा उत्साह बढ़ जाता है। गुजरात की तर्ज पर ही यहां दुर्गा उत्सव के आयोजक पूजा-अर्चना के बाद पंडालों में डांडिया का आयोजन करते हैं। इस वर्ष भी गरबा के साथ डांडिया की स्पर्धा के लिए तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।

भास्कर न्यूज | पत्थलगांव

नवरात्रिइस बार आठ दिन की होगी। नवमी और दशमी एक ही दिन आने से यह स्थिति बन रही है। ज्योतिष के जानकारों का कहना है कि कुछ पंचांग आठ दिन की नवरात्रि और नवमी का क्षय बता रहे हैं, तो कुछ नवमी के साथ दशहरे का पर्व बता रहे हैं। यहां के प्रमुख ज्योतिषाचार्य डॉ.शत्रुधन त्रिपाठी का कहना है कि नवरात्रि 25 सितंबर को शुरू होगी और 3 अक्टूबर तक चलेगी। उन्होंने बताया कि इस बार नवरात्रि का त्योहार आठ दिनों का मनाया जाएगा। 2 अक्टूबर की दोपहर 12.07 बजे तक अष्टमी तिथि है। इसके बाद नवमी तिथि शुरू होगी, जो 3 अक्टूबर की सुबह 9.58 बजे तक रहेगी। इसके बाद दशहरा प्रारंभ हो जाएगा।

चूंकि उदयकाल से तिथि मानी जाती है, इसलिए नवमी और दशमी को एक दिन माना गया है। डॉ.त्रिपाठी ने बताया कि 2 अक्टूबर को शुक्र का तारा अस्त हो रहा है। इस कारण दशहरे के दिन जो लोग मांगलिक कार्य करने की सोच रहे हैं, उन्हें अपना इरादा बदलना होगा। डाॅ.त्रिपाठी का कहना था कि ग्रहों की स्थिति का अवलोकन करने से यह स्पष्ट होता है कि दशहरे पर कोई मांगलिक कार्य नहीं हो पाएंगे। उन्होंने कहा कि दशहरा के के दौरान बिना मुहूर्त के ही मांगलिक कार्य कर लिए जाते थे। इस वर्ष का समय उचित नहीं माना गया है। शहर में नवरात्रि के दौरान नौ दिनों तक मां दुर्गा की आराधना के साथ यहां प्रतिदिन जगह-जगह भंडारों का आयोजन कर हजारों लोगों को सुरुचिपूर्ण व्यंजन उपलब्ध कराए जाते हैं।



इस वर्ष तिथियों में बदला