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‘आदिवासी युवा शराब की बुराई का त्याग कर शिक्षा को दें महत्व’
आदिवासी युवा सेमीनार का आयोजन
भास्कर न्यूज. पत्थलगांव
आदिवासी समाज का उत्थान के लिए युवाओं को शिक्षा के क्षेत्र में कड़ी मेहनत करके आगे आना होगा। इसके बगैर प्रतिस्पर्धा के इस दौर में सर्वोच्च शिखर में पहुंचना बेहद कठिन काम हो गया है।
शनिवार को मुड़ापारा गांव में आयोजित आदिवासी युवा सेमीनार के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नागवंशी समाज के महासचिव आनंद नाग ने कहा कि आरक्षण के चक्कर में उलझ कर हम लोगों ने शिक्षा के महत्व को कम कर दिया है। युवा वर्ग के लोग शराब जैसी बुराइयों में उलझ कर आगे बढ़ने के लक्ष्य तक नहीं पहुंच रहे हैं।
इसके लिए युवाओं को शिक्षा के महत्व को गंभीरता से समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज में युवाओं की लंबी फौज तो है, पर वे नित नए कीर्तिमान स्थापित करने में पिछड़ रहे हैं। युवाओं को अपनी असीम शक्ति को पहचान कर राजनैतिक, सांस्कृतिक अथवा शिक्षा के क्षेत्र में ऊंचाइयों को छूना होगा। श्री नाग ने कहा कि समाज के उत्थान के लिए भी युवाओं को आगे आना होगा।
पालिडीह की सरपंच श्रीमती यशोदा सिंह ने युवाओं के साथ महिलाओं को समाज के उत्थान में सहभागी बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि समाज की मजबूत एवं सुदृढ़ एकता ही विकास का आधार बन सकती है। उन्होंने कहा कि बालिका शिक्षा को बढ़ावा देकर हम लोग अपने समाज की विशिष्ट पहचान कायम कर सकते हैं। इस सम्मेलन में ज्यादातर वक्ताओं ने युवाओं से आगे आने का आह्वान कर आने वाले समय में अहम जिम्मेदारी निभाने की बात कही।
कार्यक्रम में पुरानी बस्ती की समाजसेवी श्रीमती लक्ष्मी वेदराम सिदार ने भी विकास की मुख्य धारा में जुड़ने के लिए युवा वर्ग को प्रथम सीढ़ी बताते हुए उन्हें गंभीरता से अपनी जिम्मेदारी पूरी करने को कहा।