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भूमि उपचार नहीं होने से धान पैदावार पर दिखने लगा असर
किसानोंके खेतों से मिट्टी का अहम तत्व नाइट्रोजन का स्तर लगातार घटता जा रहा है। नाइट्रोजन के घटने से खेतों की उर्वरा क्षमता कम हो रही है। जिसके चलते किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। किसानों का कहना है कि फसल लगाने से पहले मिट्टी के नमूनों की जांच में कृषि विभाग के अधिकारियों से कोई सहयोग नहीं मिल रहा है। इस वजह फसल की पैदावार में कमी रही है। किसानों का कहना है कि अच्छी बारिश के बाद भी धान के खेतों में उत्साहजनक परिणाम नहीं दिख रहे हैं।
तिलडेगा, जोराडोल, इंजको, किलकिला, पाकरगांव, मुड़ापारा पालिडीह के किसानों का कहना था कि फसल लगाने से पहले कृषि विभाग के अधिकारियों ने उनके खेतों से मिट्टी की जांच के लिए नमूने एकत्रित किए थे। पर इस जांच का उन्हें अभी तक परिणाम नहीं दिया गया है। ऐसे हालात में भूमि का उपचार नहीं हो पाने से अब फसल की पैदावार पर सीधा असर दिखने लगा है। मिट्टी परीक्षण में कृषि विभाग की अनदेखी से परेशान होकर कुछ किसानों ने अलग से मिट्टी परीक्षण कराया था। जिसमें नाइट्रोजन की कमी पाए जाने की बात सामने आई है। तिलडेगा के किसान मनोज अंबष्ट का कहना है कि खेतों में बड़ी मात्रा में रासायनिक खादों का उपयोग के चलते नाइट्रोजन के स्तर में लगातार कमी आई है। उन्होंने कहा कि इस समस्या से बचने के लिए निश्चित पैमाने में रासायनिक खाद और दवाइयों का प्रयोग बेहद जरूरी है। उनका कहना था कि उर्वरक मिट्टी में नाइट्रोजन को मुख्य तत्व माना गया है। इसके अलावा पोटाश, पीएच स्फूर भी मुख्य तत्वों के रूप में मौजूद रहते हैं। वहीं मैग्नीज, जिंक, आयरन कॉपर को मिट्टी का सूक्ष्म तत्व माना गया है। यह अलग-अलग स्थलों में अलग-अलग मात्रा में मौजूद रहते हैं। उन्होंने कहा कि मिट्टी परीक्षण में कृषि अधिकारियों की निष्क्रियता के चलते किसानों को अपनी पैदावार में पर्याप्त लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि नाइट्रोजन की कमी का असर इस बार धान की फसल में देखने को मिल रहा है। पाकर गांव के किसान गणेशचंद्र बेहरा का कहना था कि धान की पैदावार में नाइट्रोजन प्रमुख भूमिका रखता है। ऐसे प्रमुख तत्व की कमी का सीधा असर धान की पैदावार पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि नियंत्रण से बाहर होने पर किसानों के लिए यह एक बड़ी समस्या साबित हो सकती है।श्री बेहरा ने बताया कि नाइट्रोजन जैसे प्रमुख तत्व घटने की प्रमुख वजह मनमाने ढंग से खे