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स्कूल में बच्चों की सुरक्षा के नहीं किए जा रहे पुख्ता इंतजाम

7 वर्ष पहले
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निजीस्कूलों के प्रबंधन द्वारा बच्चों की पढ़ाई के नाम पर भारी भरकम फीस वसूलने के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था को अनदेखा की जा रही है। निजी स्कूल प्रबंधन की लापरवाही को देखकर अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि शिक्षा अधिकारी द्वारा निजी स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए बुलाई जा रही महत्वपूर्ण बैठकों की सूचना को भी गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। शहर में कई ऐसे निजी स्कूल हैं, जहां से बाहरी लोगों की आवाजाही पर कोई रोक टोक नहीं है। इस अव्यवस्था से छात्र छात्राओं के साथ कभी भी अनहोनी घटना घटित होने का अंदेशा बढ़ गया है। कुछ स्कूलों में संचालित बस सेवा में शिक्षक शिक्षिकाओं की ड्यूटी नहीं लगाने से बस में सवार स्कूली बच्चों पर हर समय अनहोनी का खतरा मंडराता रहता है।

बताया जाता है कि शहर के ज्यादातर निजी स्कूलों में शिक्षा विभाग के निर्देशों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यहां के स्कूलों में राज्य शासन की मान्यता के नाम पर कई जगह फोटो कापी में काट छांट करके काम चलाया जा रहा है। शिक्षा अधिकारी द्वारा इन स्कूलों का निरीक्षण के नाम पर महज लीपापोती करने से अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। यहां के निजी स्कूलों में केजी से हाई स्कूल की कक्षा का तो संचालन किया जा रहा है, पर विद्यार्थियों को सुविधा के नाम पर कुछ भी नहींं मिल पा रहा है। कुछ स्कूलों में कम्प्यूटर शिक्षा के नाम पर प्रत्येक छात्र से प्रति माह भारी भरकम फीस वसूल की जा रही है, लेकिन स्कूलों में तो कम्प्यूटर के शिक्षक हैं और नही कम्प्यूटर सेट उपलब्ध कराए गए हैं। निजी स्कूलों में पढ़ाई का कमजोर स्तर के साथ सुरक्षा के उपायों में की जा रही लापरवाही से अभिभावकों में खासी नाराजगी देखी जा रही है।

बीईओ बरसाय पैकरा का कहना है कि निजी स्कूलों में घटित होने वाले शर्मनाक आपराधिक घटनाओं के मद्देनजर सभी स्कूलों के प्रिंसिपल को साप्ताहिक बैठक में बुलाया जा रहा है। इस बैठक के प्रति ज्यादातर निजी स्कूल के प्रबंधन ध्यान नहीं दे रहे हैं। श्री पैकरा ने बताया कि कुछ बड़े स्कूल के प्रिसिंपल इस बैठक में अपने प्रतिनिधि को भेज कर केवल औपचारिकता पूरी कर रहे हैं, जबकि कई प्रबंधन इसके निर्देशों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीते सप्ताह एक निजी स्कूल के प्रिंसिपल की अनुपस्थिति के बाद उन्हें नोटिस भेजी गई है।