शिक्षा, विद्युत, वन, खाद्य व कृषि विभाग के अधिकारी नदारद
जनपद पंचायत के सभाकक्ष में हुई सामान्य सभा की बैठक में शिक्षा, वन, विद्युत व खाद्यान्न विभाग के अधिकारियों की अनुपस्थिति और विभाग से प्रभारी कर्मचारियों को भेजे जाने से क्षुब्ध होकर जनपद के सदस्यों ने बैठक को स्थगित कर दी।
जनपद की इस महत्वपूर्ण बैठक को तवज्जो नहीं देने वाले अधिकारियों के विरूद्द दंडात्मक कार्रवाई करने के लिए जनपद के सदस्यों ने कलेक्टर हिमशिखर गुप्ता को पत्र भी लिखा है। जनपद अध्यक्ष बसंती भगत ने बताया कि त्रिस्तरीय पंचायती राज में शासकीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते ग्रामीण विकास के ज्यादातर कार्यों को गति नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा गुणवत्ता वर्ष के दौरान राजीव गांधी शिक्षा मिशन के अधिकारियों की लापरवाही के चलते ग्रामीण अंचल के स्कूलों का इन दिनों काफी बुरा हाल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि शिक्षा गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए दूर-दराज के स्कूलों में डी और सी ग्रेड वाले स्कूलों को लेकर अभिभावकों में चिंता व्याप्त है। इस व्यवस्था में सुधार लाने के लिए ही सर्व शिक्षा अभियान और शिक्षा विभाग के स्कूलों को लेकर जनपद की सामान्य सभा की बैठक में चर्चा के लिए विभाग के अधिकारियों को बुलाया गया था, पर बैठक के संबंध में नियत समय पर सूचना मिल जाने के बाद भी अधिकारी कर्तव्य की अनदेखी कर रहे हैं। जनपद उपाध्यक्ष सुजाता शर्मा का कहना था कि गांव के किसान रबी फसल की तैयारी में व्यस्त हैं। इन किसानों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए जनपद पंचायत के ज्यादातर सदस्यों के पास कोई ब्योरा नहीं है।
कृषि विभाग के लंबे समय से मनमाना रवैया के चलते ही इस अंचल के किसानों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
कड़ी चेतावनी देंगे
जपं की सामान्य सभा की बैठक में वन विभाग, विद्युत विभाग, राजीव गांधी शिक्षा मिशन, खाद्य सहित कई महत्वपूर्ण विभाग के अधिकारियों की अनुपस्थिति के चलते ग्रामीण क्षेत्र में विकास कार्यों की समीक्षा नहीं हो पाई। बैठक में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों को कड़ा पत्र लिख कर उन्हें पुनः 18 फरवरी को जनपद की सामान्य सभा की बैठक में बुलाया गया है। बैठक में सरकारी अधिकारियों की अनुपस्थिति उचित नहीं है। भजन साय, जनपद सीईओ