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बच्चों को करपा उठाने फार्म हाउस भेज दिया

7 वर्ष पहले
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पढ़नेगए बच्चों को स्कूल के शिक्षक ने मजदूरी करने भेज दिया। शिकायत के बाद भी इस मामले में तो एसडीएम ने कोई कार्रवाई की ही जिला शिक्षा अधिकारी ने। घटना कोटा ब्लाॅक की ग्राम पंचायत लालपुर के मिडिल स्कूल की है।

समीपी ग्राम लालपुर के मिडिल स्कूल में शनिवार की सुबह बच्चे पढ़ने गए थे। इसी दौरान स्कूल के शिक्षक गुलाब साहू ने मध्याह्न भोजन के बाद करीब 40 बच्चों को अपने परिचित संजय पांडेय के फाॅर्म हाउस कटी फसल की ढुलाई करने के लिए भेज दिया। सातवीं की छात्रा संध्या ने बताया शिक्षक ने साढ़े 12 बजे दूसरे बच्चों के साथ उसे फाॅर्म हाऊस पर धान के करपा की ढुलाई के काम पर लगा दिया। सातवीं के ही छात्र सत्येंद्र सिंह राजपूत ने बताया इससे पहले इन्हीं खेतों में गुरुजी ने हमसे रोपा भी लगवाया था।

आज धान काटकर रखी फसल की ढ़ुलाई करने के लिए भेजा है। लालपुर निवासी गोविंद सिंह राजपूत ने बताया शिक्षक यहां साढ़े 12 बजे बच्चों को काम कराने लेकर आए। इसकी जानकारी बच्चों के माता-पिता को भी नहीं थी। छात्रा रिंकी के पिता से उन्होंने बच्ची के बारे में पूछा तो उसने स्कूल जाने की बात कही। मैंने उसे बताया कि आपकी बेटी खेत में धान की ढ़ुलाई कर रही है। इसी तरह इसी स्कूल की छात्रा मीनाक्षी की मां को भी उसकी बेटी के खेतों में काम करने की जानकारी नहीं थी। शिक्षक की इस लापरवाही की जानकारी ग्रामीणों ने एसडीएम डा. फरिहा आलम सिद्दीकी को मोबाइल पर दी तो उन्होंने तहसीलदार को भेजने की बात कहते हुए पल्ला झाड़ लिया। मौके पर तो तहसीलदार पहंुचे कोई जिम्मेदार अधिकारी। लोगों ने घटना की जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी को भी उनके मोबाइल नंबर 98267 49880 पर दी। उन्होंने भी मामले की जांच कराने की बात कहते हुए पल्ला झाड़ लिया। मौके पर तो प्रशासन का कोई अधिकारी पहुंुचा ही शिक्षा विभाग का कोई अफसर जांच के लिए पहुंचा। इस मामले की जानकारी लेने एसडीएम डा. फरिहा आलम सिद्दीकी के मोबाइल नंबर 94255 30136 पर काॅल किया गया पर उन्होंने काॅल रिसीव नहीं किया।

काम कराने की जानकारी नहीं

Hबच्चोंसेफाॅर्म हाउस में काम कराया गया है अथवा नहीं इस बात की जानकारी मुझे नहीं है। -संजयपांडेय, फाॅर्महाउस मालिक

अारोपबेबुनियाद

Hशनिवारहोनेके कारण जल्दी छुट्‌टी दे दी गई थी। उसके बाद बच्चे कहां गए इसकी जानकारी नहीं है। जाे आराेप लगाया गया है वह बेबुनिया