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वहींशाम को तीन और बच्चे गंभीर हालत में सिम्स के एनआईसी यूनिट में लाए गए। इनमें से रतनपुर की शिवानी ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था। इनमें से एक बच्चे की रतनपुर में ही मौत हो गई जबकि दूसरे को गंभीर हालत में सिम्स लाया गया है। इसके अलावा दो बच्चे जांजगीर जिले के ग्राम मुलमुला के पास के गांव के हैं। दोनों ही बच्चे प्रीमेच्योर हैं। उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
बच्चेकमजोर पैदा हो रहे हैं तो पाेषण आहार योजना पर सवाल: सिम्सके डॉक्टरों का कहना है कि एनआईसी यूनिट में पीएचसी और सीएचसी से जो बच्चे लाए जा रहे हैं, वे बेहद कमजोर हैं। उनके अंग ठीक तरह से विकसित नहीं हो पाते। इससे जाहिर है, गर्भावस्था में महिला को जो पोषण आहार और दवा दी जानी चाहिए, वे नहीं मिल रही हैं। इससे बच्चे कमजोर पैदा हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का मैदानी अमला जिम्मेदार है। गांव में स्वास्थ्य कार्यकर्ता और मितानिनों की जवाबदारी होती है, वे गर्भावस्था के दौरान महिलाओं की समय पर जांच करवाएं। उन्हें पोषण आहार उपलब्ध करवाएं।
सालभरमें सौ ...
टारगेटपूरा करने आनन-फानन में ऑपरेशन और उसके बाद जहरीली दवाइयों का वितरण किया गया, जिससे 19 महिलाओं की मौत हो गई। इससे अभियान को बड़ा झटका लगा। हाल फिलहाल के सभी नसबंदी शिविर रोक दिए गए। इतना ही नहीं इसके पहले हुए शिविरों में नसबंदी करवा चुकी कई महिलाओं के केस आए, जो दोबारा गर्भवती हो गईं। उन्होंने मुआवजे के लिए आवेदन किया है। जिला हैल्थ ऑफिसर डॉ. केके एैरी के मुताबिक 2011-12 और 2012-2013 में नसबंदी फेल के 200 मामले सामने आए। तकरीबन सभी को मुआवजा दिया जा चुका है। उनका कहना है कि पेंड्रा, गौरेला में नसबंदी फेल होने के सबसे ज्यादा मामले हैं। इस व्यवस्था को दुरुस्त करने का प्रयास किया जा रहा है।
मेढ़काटी तो ...
दोनोंकिसी तरह वहां से जान बचाकर भागे। स्वारथ ने जरहागांव थाने में घटना की सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और वृद्ध के शव को पोस्टमाॅर्टम के लिए भेजा। पुलिस ने आरोपी सहनी साहू उसकी प|ी तुलसी बाई 56 वर्ष, बेटे रामकुमार उर्फ सोनू 32 वर्ष, राजकुमार उर्फ राजा साहू 35 वर्ष, राजकुमार की प|ी सुमन बाई 31 वर्ष रामकुमार राजकुमार के 15 14 साल के दो नाबालिग बेटे सहित 7 लोगों के खिलाफ धारा 302 के तहत जुर्म दर्ज किया। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
कर्मचा