बदल रहे मौसम से फसल पर बीमारी का प्रकोप
मौसमका मिजाज और बदरी और बारिश की वजह से धान की फसलों में बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। धान की फसल पर तनाछेदक, झुलसा, गंगई, ब्लास्ट, बूरा माहो आदि बीमारियों से फसलों को नुकसान हो रहा है।
रासायनिक दवाओं का छिड़काव का पर्याप्त समय पर नहींं होने से बीमारी से किसानों को नुकसान होने का डर सता रहा है। वहीं चिंतित किसान दुकानों के चक्कर लगाने को मजबूर है। किसान फसलों को बचाने के लिए महंगी दवाओं का छिड़काव कर रहे है। कीट प्रकोप की वजह से जहां किसानों की नींद उड़ गई है। वही उनका आर्थिक बजट भी गड़बड़ा गया है। किसानों को इन बीमारियों से बचने के लिए कृषि विभाग से उचित मार्गदर्शन नही मिल पा रहा है। धान की फसल के लिए माहो को सबसे खतरनाक बीमारी माना जाता है। ग्राम-कनकबीरा के किसान रामकुमार थुरिया, रेशमलाल पटेल, सीताराम, खेमराज आदि किसानों ने बताया कि माहो के लगने से धान को भारी नुकसान पहुंचता है।
उपज बढ़ाने के लिए किसान कड़ी मेहनत करते है। नई किस्म के धान बीज को खेतों में लगाकर किस्मत आजमाते है लेकिन कीड़ों के प्रकोप से किसानों के चेहरे पर बल पड़ रहा है। उससे ज्यादा किस्म के बीमारियों फैल रही है डकल एवं रिसर्च किस्म के धान में कुछ ज्यादा ही बीमारी फैल रही है।