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सीएम की घोषणा के बाद भी नपं नहीं बना नगरपालिका
15अगस्त पर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने सारंगढ़ को नगर पंचायत से नगर पालिका बनाने की घोषणा की थी, मगर सारंगढ़ में सौ बिस्तर अस्पताल निर्माण गौरवपथ को सुधारने की घोषणा की तरह सारंगढ़ नगर पालिका बनाए जाने की घोषणा भी महज छलावा साबित हो कर रह गई। दूर-दूर तक सारंगढ़ को नगर पालिका बनाए जाने की कोई संभावना नजर नहीं रही है। सीएम ने सारंगढ़ नगर पालिका सहित कुल 17 निकायों को उन्नयन की घोषणा की थी, जिसमे सारंगढ़ को छोड़कर शेष सभी 16 नगर निकायों का उन्नयन को राजपत्र मे विधिवत प्रकाशित कर दिया गया। 23 जुलाई को राजपत्र मे नगरीय निकायों के उन्नयन के सूची मे सारंगढ़ नगर पंचायत से नगर पालिका का नाम नहीं है। इस कारण से सारंगढ़ को छोड़कर शेष सभी नगरीय निकाय उन्नयन हो गए, किंतु सारंगढ़ फिर छूट गया।
2013 में मुख्यमंत्री ने विकास यात्रा के दौरान सारंगढ के खेलभांठा मैदान में सारंगढ नगर पंचायत को नगर पालिका एवं सौ बिस्तर का अस्पताल बनाने की घोषणा की थी। इस घोषणा को अमल करते हुए बीते 15 अगस्त को उन्होंने अन्य नगर पंचायतों के साथ सारंगढ नगर पंचायत को नगर पालिका बनाने की घोषणा की थी, उनकी यह घोषणा भी महज एक घोषणा ही साबित होती नजर रही है कुछ सत्ताधारियों एवं जनप्रतिनिधि सारंगढ़ को नगर पंचायत से नगर पालिका बनाए जाने पर उनकी कुर्सियां चली जाने का भय सता रहा है।
पालिकाबनती है तो भंग हो सकती है नगर पंचायत कमेटी -अगर अभीनगर पालिका बना दिया जाता है, तो वर्तमान नगर पंचायत समिति भंग हो सकती है। अभी नगर पंचायत के पदाधिकारियों का कार्यकाल 18 अगस्त16 तक है। लोगों का यह भी कहना है कि शायद यह एक बड़ी वजह है, जिसके कारण सारंगढ को नगर पालिका नहीं बनने दिया जा रहा है। वैसे सारंगढ का विकास नेताओं के स्वार्थपरक राजनीति के कारण भी नहीं हो पा रही है।
सारंगढका दुर्भाग्य- यहसारंगढ नगर का दुर्भाग्य है कि स्वतंत्रता से पूर्व सारंगढ नगर पालिका था, जिसको 1993-94 में नगर पंचायत बना दिया गया। उसके बाद 2008-09 में सारंगढ नगर पालिका की घोषणा हुई, जिसमे नगर से लगे 4 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया, जिसमे त्रुटिपूर्ण परिसीमन के नाम पर संबंधित ग्राम पंचायतों के पदाधिकारियों ने हाईकोर्ट से स्थगन आदेश लिया और जब यह मामला हाईकोर्ट में चल रहा था, तब न्यायालय ने जवाब मांगा लेकिन शासन द्वारा सही समय पर जवाब प्रस्तुत नहीं किया ग