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पंजीयन ने बढ़ाई प्रबंधकों एवं किसानों की परेशानी का सबब

7 वर्ष पहले
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समर्थनमूल्य पर धान की खरीदी के लिए किसानों का पंजीयन कराने में कई तरह की मुश्किलें रही है। पंजीयन का प्रोसेस जटिल होने की वजह से किसानों के लिए यह परेशानी का सबब बन गया है। शासन के निर्देश पर खरीफ फसल विपणन वर्ष 2014-15 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए तैयारी शासन ने शुरू कर दी है। 1 से 30 सितंबर तक सेवा सहकारी समितियों में किसानों का पंजीयन किया जाना है और 30 सितम्बर के बाद तहसील कार्यालय में 15 अक्टूबर तक किया जाएगा। इस बार शासन ने पंजीयन मुश्किल के जरिए वास्तविक किसानों से ही धान खरीदी के लिए तमाम हथकंडे अपनाए जा रहे है, ताकि पिछले साल महाघोटाले जैसे मामले हो।

पंजीयन में किसानों का ऋण पुस्तिका बैंक खाता क्रमांक, मोबाइल नंबर, फोटो परिचय पत्र की प्रतिलिपि एवं दो फोटो प्रस्तुत करना पड़ रहा है। धान खेती के रकबे की जानकारी देने पहुंचे किसान टीसी. यादव, राज कुमार मैत्री, शिव अनंत आदि किसानों ने कहा कि वे स्वयं के भूस्वामी होने का प्रमाण दे रहे हैं, लेकिन इससे व्यापारियों की धान बिक्री नही हो पाएगी इसकी क्या गारंटी है। सेवा सहकारी समितियों दानसरा, सहसपुर, छिन्द, गुड़ेली, कोतरी, उलखर आदि में पंजीयन के लिए किसानों की खासी भीड़ देखी जा रही है। किसानों में अन्य दस्तावेज के रूप में स्वास्थ्य स्मार्ट कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लायसेंस, किसान क्रेडिट कार्ड की जानकारी मांगी जा रही है। किसानों का पंजीयन नियमानुसार करा रहे है। जांच उपरांत ही किसानों का पंजीयन सोसायटियों में हो पा रहा है। ऐसे में पंजीयन के लिए आधे से एक घंटे तक एक किसान का डेटा एंट्री होने में लग रहा है।

रेगहाअधिया वालों की कमाई बेकार- रेगहाअधिया वाले ग्रामीण है, जिसके पास खेती के लिए कुछ टुकड़े ही जमीन होती है। किसान बड़े पट्टाधारी किसानो के खेतों को रेगहा, अधिया में लेकर खेती किसानी करके साल भर की खर्च के लिए कमाई कर लेते है। इसी गाढ़ी कमाई को अपने छोटे पट्टा वाले खाता पर रेगहा धान की बिक्री समर्थन मूल्य में बेचकर नगदी पा जाते थे, मगर इस बार स्वयं की पट्टा के उपजे धान को बेचने का प्रावधान बना दिया गया है। इससे रेगहा अधिया कमाने वाले ग्रामीण बड़े किसानों के पास अपनी कमाई के लिए मजदूरी करना पड़ता है। िसानों ने धान बिक्री के लिए किसी कारणवश पंजीयन नही करवाया था, उन्हें तहसीलदार से विशेष अनुमति के बाद पंजीयन करव