पूर्णाहुति के साथ आज होगा समापन
पूर्णाहुति के साथ आज होगा समापन
पटना| गायत्रीमहायज्ञ के वैदिक मंत्रों गायत्री मंत्र से क्षेत्र गुंजायमान हुआ। यज्ञ प्रवचन में रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। पुरुष धोती-कुर्ता, महिलाएं साड़ी पहनकर यज्ञ में शामिल हो रही हैं। महायज्ञ का समापन 9 फरवरी को होगा। गायत्री मंदिर प्रांगण के खेल मैदान में गायत्री परिवार द्वारा आयोजित 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ के पहले दिन कलश यात्रा निकाली गई। दूसरे, तीसरे दिन श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती गई। यज्ञ स्थल पर रविवार को स्थानीय श्रद्धालुओं के अलावा कोरिया, सूरजपुर, सरगुजा, जशपुर जिले के श्रद्धालु यज्ञ में शामिल हुए। रविवार को सुबह 8 बजे से यज्ञ स्थल पर तैयार किए गए 108 कुंड में हवन पूजन के लिए तीन-तीन के जोड़े में श्रद्धालु महिला-पुरुषों ने मंत्रोच्चार के साथ हवन-पूजन किया। शांतिकुंज हरिद्वार से आए आचार्य श्यामबिहारी दुबे ने हवन के दौरान की जाने वाली पूजा का महत्व, इससे मिलने वाले पुण्य को समझाया। हवन पूजन के बाद गायत्री मंत्र दीक्षा संस्कार हुआ। इसमें बड़ी संख्या में धर्मप्रेमियों ने गायत्री मंत्र की दीक्षा लेते हुए उपासना, साधना, आराधना, स्वाध्याय करते हुए पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के बताए मार्ग में चलते हुए माता गायत्री की पूजा का संकल्प लिया। दीक्षा संस्कार के बाद जनेउ मुंड़न संस्कार हुआ। इसमें पुरूषों के अलावा महिलाओं ने भी जनेउ धारण किया, एवं बच्चों का मुंड़न कराया गया। नामकरण संस्कार में एक दर्जन से भी अधिक बालक-बालिकाओं का नामकरण हुअा।
शाम पांच बजे हुए विवाह संस्कार में कई जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। गायत्री महायज्ञ में पूजा अर्चना हवन कराने के लिए शांतिकुंज से आई टोली में श्यामबिहारी दुबे, बनवारी लाल सैनिक, हरिशंकर, छबीलाल शामिल हैं। वहीं चरचा से पहुंचे बाल्मीकी तिवारी, गायत्री प्रज्ञा पीठ सावांरावां के रामस्वरूप यादव, धर्मजीत कुशवाहा, अनिल कुशवाहा, रामनारायण कुशवाहा, रामेश्वर श्रीवास्तव, विकास श्रीवास्तव सहित गायत्री परिवार के कार्यकर्ता जुटे हुए हैं।
11 हजार की पुस्तकें वितरित की गई
यज्ञ स्थल पर पहुंचे पूर्व सांसद स्व. शिवप्रताप सिंह के बड़े पुत्र विजयप्रताप सिंह ने अपने पिता की याद में पुस्तक मेले से 11 हजार रुपए की किताबें खरीदकर उपस्थित श्रद्धालुओं में वितरित कर दी गई।