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टीम को अवैध भट्‌ठा सील करने के लिए यहां भेजा गया था

टीम को अवैध भट्‌ठा सील करने के लिए यहां भेजा गया था भट्‌ठों में जांच के बाद कार्रवाई किए बिना ही लौट गई टीम इस...

Dainik Bhaskar

Jan 07, 2018, 01:20 PM IST
टीम को अवैध भट्‌ठा सील करने के लिए यहां भेजा गया था

भट्‌ठों में जांच के बाद कार्रवाई किए बिना ही लौट गई टीम

इस संबंध में वनपरिक्षेत्राधिकारी अनिल सिंह से बेदमी में अवैध ईट भट्‌ठों में जांच करने पहुंची वन विभाग की टीम की कार्रवाई में पूछा गया तो उन्होंने जानकारी दी कि हमारी टीम इन भट्‌ठों को सील करने गई है। इधर टीम कार्रवाई करने की बजाय खानापूर्ति कर लौट आई लेकिन अधिकारी को इसके बारे में पता नहीं चला।

बताया गया कि बेदमी ग्राम जहां जांच करने वन विभाग की टीम गई थी वहां दो-तीन भटठों में लकड़ी जलाने के लिए कच्चे ईंट के भीतर डाली गई थी। इसे देखने के बाद भी वन विभाग की टीम जांच के नाम पर खानापूर्ति कर ईट भट्ठों में जल्द आग लगाने की सलाह देकर वापस लौट गई। वन अमला कार्रवाई की जगह जंगल की लकड़ी ईंट भट्‌ठों में पकड़ने एवं इन्हें सील करने की जगह पास या पीओआर काटकर इनका मनोबल बढ़ा रहा है।

ग्रामीण बोले- विभाग ही अवैध कारोबारियों को जंगल से लकड़ी काटने में दे रहा सहयोग

भास्कर संवाददाता|ओड़गी

सूरजपुरजिले के कुदरगढ़ वन परिक्षेत्र अंतर्गत के गांवों में धड़ल्ले से जंगलों से काटी गई लकड़ियों से गमला ईंट भट्‌ठे चल रहे हैं। इसकी जानकारी वन विभाग को भी है पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।

कुदरगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत बेदमी मे एक ऐसा ही मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने बताया कि उनकी सूचना पर वन विभाग की टीम गांव में तो पहुंची लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इधर टीम अाने की सूचना पर जंगलों से काटी गई लकड़ियां ईट भट्ठों में डाल दी गई। वन विभाग के कर्मचारी उन्हीं भट्ठा संचालकों के साथ वापस लौट गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इलाके के वन कर्मचारियों ने मामला रफा-दफा कर दिया।

गौरतलब है कि ग्राम पंचायत बेदमी सहित मसनकी, करवां, टमकी, चिकनी, मयूरधक्की, लांजित, कुप्पा, बांक एवं कैलाशनगर में खुलेआम जंगल की लकड़ियों का उपयोग कर ईंटों को जलाने में किया जा रहा है।

कुदरगढ़ के जंगलों की लकड़ियों से ही चलाए जा रहे हैं कई अवैध ईंट भट्‌ठे

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