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- संयुक्त कलेक्टर ने ही दिए हैं जनपदों को फर्जीवाड़ा करने के अिधकार
संयुक्त कलेक्टर ने ही दिए हैं जनपदों को फर्जीवाड़ा करने के अिधकार
आशीष दुबे | िबलासपुर 9907901010
सरकारीआदेश कलेक्टर का अनुमोदन। झारखंड के व्यापारी ने आवेदन किया और संयुक्त कलेक्टर एसआर कुर्रे ने बिना वरिष्ठ अफसरों की जानकारी के सभी जनपद पंचायतों को सरकारी योजनाओं के नाम पर घरों-घर नंबर प्लेट लगाकर पैसे वसूलने के आदेश जारी कर दिए। इसी पत्र को आधार मानकर जनपद पंचायत सीईओ हरिकृष्ण जोशी ने सरपंचों को वसूली का आदेश दिया। डीबी स्टार टीम ने मामले की पड़ताल कर पोल खोली तो अधिकारी हरकत में गए। उन्होंने आनन-फानन में इसे बंद करने को कहा। गंभीर बात है कि जिस अधिकारी ने अपनी नोटशीट से इसे जारी किया है उसके खिलाफ जांच के लिए जिम्मेदारों के हाथ कांप रहे हैं। कलेक्टर इस मामले को टालने के मूड में हैं तो एडिशनल कलेक्टर ने जांच करवाने की बात कहकर किनारा कर लिया है।
गौरतलब है कि जनपद पंचायत तखतपुर के सीईओ हरिकृष्ण जोशी ने ब्लॉक की सभी पंचायतों में हर घर से 20-20 रुपए वसूल करने का आदेश जारी किया है। इसकी जानकारी तो जिला पंचायत सीईओ नीरज बंसोड़ को थी और अपर कलेक्टर नीलकंठ टेकाम को। संयुक्त कलेक्टर ओपी वर्मा ने इस संबंध में जानकारी से इनकार किया। उन्होंने इसमें जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया, पर एक सप्ताह बाद भी मामले की जांच शुरू नहीं हुई। टीम ने पड़ताल की तो पाया कि जिला प्रशासन के जनगणना अधिकारी और संयुक्त कलेक्टर कुर्रे ने जनपदों को यह आदेश दिया है। झारखंड मेें कोडरमा जिले के चंदवारा निवासी संतोष प्रसाद गुप्ता के आवेदन पर पंचायतों को यह फरमान जारी किया गया। 22 अगस्त को उसने सं. कलेक्टर को लिखे पत्र में बताया कि वह राष्ट्रीय स्तर पर सरकारी योजना का प्रसार कर रहा है। उसनें रायपुर, बालोद, सरगुजा, सूरजपुर और खंडवा के दस्तावेज लगाकर दावा किया कि वहां भी उसने यह काम किया है। इधर, गड़बड़ी की जानकारी होने के बाद भी कलेक्टर सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी इसकी जांच में रुचि नहीं ले रहे हैं।
25 अगस्त को सं.कलेक्टर द्वारा जारी आदेश।
प्रशासन की बदनामी हो रही है, इसे बंद करो...
प्रकरणमें खुलासे के बाद संयुक्त कलेक्टर वर्मा ने कुर्रे को पत्र लिखकर कहा है कि इस गड़बड़ी को बंद करें। बिना सरकारी निर्देश या आला अधिकारियों की जानकारी के नोटशीट जनपद पंचायतों को भेजी गई है। इससे जिला प्रशासन की बदनामी हो रही है। उन्होंने अपर कलेक्टर नीलकंठ टेकाम को भी इसकी सूच