हत्या करने वाली मां को आजीवन कारावास
पांचवर्षीय मासूम बेटे वेदम की हत्या करने वाली मां को जिला कोर्ट के जज ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। शुक्रवार न्यायाधीश गरिमा शर्मा ने गवाहों और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद यह फैसला दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार कुधरीखरपारा तमनार निवासी हेमसिंह सिदार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था।
उसने अपनी प|ी गोमती सिदार 5 साल के पुत्र वेदम को उसके मामा के घर गदगांव छोड़कर रुपए के लिए ग्राम मुनुंद गया था। इसी दौरान 9 मार्च 10 की रात को उसकी प|ी ने अपने 5 साल के मासूम पुत्र के गले पर टांगी वार कर हत्या कर दी। सुबह जब गोमती का भाई उठा तो देखा की गोमती बेहोश पड़ी है। वेदम मृत अवस्था में जमीन पर पड़ा हुआ है। उसने तुरंत पूरी घटना की सूचना हेम सिंह को दी। घटना की शिकायत पुलिस में की गई। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान प्रथम दृष्टया बच्चे की मां को मामले में दोषी पाया। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने जुर्म कबूल कर लिया। मौके पर बनाए गए विवेचना नजरी नक्शा के अनुसार सारे साक्ष्य महिला की ओर इशारा कर रहे थे। पूरा मामला न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी घरघोड़ा के समक्ष पेश किया गया। जहां से पूरा मामला घरघोड़ा से रायगढ़ सत्र न्यायालय को भेजा गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए सभी पक्षों के सुना गया। शुक्रवार को द्वितीय सत्र न्यायधीश गरिमा शर्मा ने रिश्तों के विश्वसनीयता पर पड़ने वाले प्रभावों को ध्यान में रखते हुए गोमती को 302 के तहत 5 सौ रुपए जुर्माना आजीवन कारावास की सजा सुनाया गया है।
बचावके लिए बताया मिर्गी का मरीज - महिलाको बचाने मिर्गी का मरीज बताया गया, लेकिन न्यायालय में प्रस्तुत महिला की आेर से प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों में किसी भी स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टरों के लिखित साक्ष्य नहीं होने से महिला को स्वास्थ्य करार देते हुए सजा में कोई रियायत नहीं बरती गई और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
महिला को पता था कैसे होगी मौत
वेदमके पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक मृत्यु का कारण गले की प्रमुख नस के कटना को बताया गया। परीक्षणकर्ता स्वास्थ्य अधिकारी डॉ धनसिंह पैकरा के अनुसार कटी हुई खून की नली से अधिक खून बहने से हृदय गति रुक गई। रिपोर्ट के आधार पर आरोपी महिला को इस बात की जानकारी पहले से थी कैसे बच्चे की मौत होगी, जिसके चलते उसने इस दर्द विदारक घटना को सरलता से अंजाम दे दिया।