एक-एक वोट से बनेगी, बिगड़ेगी सत्ता
कई जनपदों में भाजपा, कांग्रेस समर्थित सदस्यों की संख्या बराबर, निर्दलीय जिसके साथ उसका कब्जा तय
भास्करन्यूज|अंबिकापुर
जिलापंचायत के साथ जनपदों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के पदों पर कब्जे के लिए सरगर्मी तेज हो गई है। जिला पंचायत के अलावा कई जनपदों में स्थिति यह है कि दोनों प्रमुख दलों से समर्थित सदस्यों की संख्या बराबर है। ऐसे में जोड़तोड़ के बिना कब्जा संभव नहीं है। कई जनपदों में निर्दलीय प्रत्याशियों के पास सत्ता की चाबी है और वे जिसके साथ जाएंगे उसकी सरकार बनेगी। इसके लिए अपने दल के समर्थकों को जोड़तोड़ से बचाने और दूसरे प्रत्याशियों को साधने की कवायद चल रही है। दोनों दलों से समर्थित कई जनपदों के सदस्य शनिवार को बाहर भेज दिए गए।
सरगुजा में जिला पंचायत के अलावा जनपदों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के पदों पर कब्जे के लिए दोनों दल भाजपा और कांग्रेस जोर-शोर से लगी हुई है। जिला पंचायत में दोनों दलों के छह-छह सदस्य हैं। दो निर्दलीय सदस्य हैं जिनके रुख पर सारा खेल टिका हुआ है। यही स्थिति जनपदों में है। दोनों दल जिला पंचायत के अलावा जनपदों में कब्जे का दावा कर रहे हैं।
लुंड्रा में दोनों दलों के सदस्यों की संख्या 9-9 है। यहां जोड़तोड़ के बिना अध्यक्ष, उपाध्यक्ष नहीं बन सकते। इसके लिए इस पद के दावेदार प्रयास कर रहे हैं। कांग्रेस नेताओं के अनुसार अंबिकापुर, उदयपुर, सीतापुर, मैनपाट और लुुंड्रा में कब्जा तय है। लखनपुर और बतौली में कुछ भी हो सकता है। भाजपा नेताओं के अनुसार कई जनपदों मंे भाजपा समर्थित सदस्यों की संख्या अधिक है। जहां बहुमत के लिए संख्या कम है वहां निर्दलीयों से बात चल रही है।