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छह ब्लाॅकों की 37 समितियों में लक्ष्य से कम धान खरीदी
जिलेमें इस वर्ष लक्ष्य से कम धान खरीदी हो पाई है। पिछले साल की अपेक्षा इस वर्ष लगभग 60 हजार मीट्रिक टन खान खरीदी कम हुई है। इसका कारण धान उत्पादन कम होना बताया जा रहा है। इसके अलावा समितियों में जो धान खरीदी हुई है, उसका उठाव नहीं हो पाया है। खुले आसमान में पड़े धान बेमौसम बारिश में भीग रहे हैं।
बलरामपुर जिले के कुल छह विकासखंडों में 37 खरीदी केंद्र बनाए गए थे। इन समितियों में धान खरीदी के अंतिम दिन तक किसानों से 71 हजार 716 मैट्रिक टन धान खरीदी की गई। पिछले वर्ष समितियों में 1 लाख 29 हजार मीट्रिक टन खान खरीदी हुई थी, जो इस वर्ष हुई खरीदी से लगभग 60 हजार मैट्रिक टन अधिक है। देर से हुई बारिश के कारण धान उत्पादन कम होना इसका कारण माना जा रहा है। वहीं धान खरीदने के लिए ग्राम पंचायतों में केंद्र तो बना दिए गए, लेकिन किसी भी समिति में शेड अब तक नहीं लगा है। समितियों में धान खरीदी के बाद उठाव नहीं होने से जाम की स्थिति बनी रही है। इसके कारण खुले आसमान में पड़े धान बेमौसम बारिश में भीग रहे हैं। इसके अलावा जिले में धान रखने के लिए संग्रहण केंद्र भी नहीं है। धान का उठाव कर अंबिकापुर के चिखलाडीह स्थित संग्रहण केंद्र तक पहुंचाया जाता है। संग्रहण केंद्र तक धान पहुंचाने के लिए वाहनों का अधिग्रहण किया जा रहा है। जिला विपणन अधिकारी एसपी डड़सेना ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा वाहन अधिग्रहण कर धान संग्रहण केंद्र तक भेजा जा रहा है। अधिग्रहित वाहनों का किराया प्रशासन द्वारा दिया जा रहा है। इस वर्ष पंजीकृत किसानों से मानक क्विंटल के हिसाब से धान खरीदी की गई। समितियों में शेड लगाने की बात पर उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा सभी समितियों में शेड की व्यवस्था की जा रही है।
समिति केंद्र से धान का किया जा रहा उठाव