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19 जनपदों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष का फैसला आज किया जाएगा
जनपदोंमें किसके अध्यक्ष, उपाध्यक्ष बनेंगे इसका फैसला शुक्रवार को हो जाएगा। सभी जनपदों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के पदों के लिए चुनाव होना है। सरगुजा के अलावा सूरजपुर, बलरामपुर जिले के 19 जनपदों में भाजपा और कांग्रेस दोनों में कब्जे के लिए जोर-आजमाइश है। कई जनपदों में जहां दोनों दलों के समर्थित सदस्यों की संख्या बराबर है वहां निर्दलीय के हाथों में सत्ता की चाबी है। निर्दलीय जिस ओर खड़े हुए उसके अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तय हैं। ऐसे जनपदों में क्रास वोटिंग की भी संभावना है। इसे देखते हुए दोनों दलों ने अपने सदस्यों पर चुनाव तक नजर रखे हुए हैं।
अंबिकापुर, उदयपुर, सीतापुर में जहां मुकाबला एकतरफा दिख रहा है वहीं लुंड्रा और बतौली में कांटे की टक्कर है। लंुड्रा में दोनों दलों के समर्थित सदस्यों की संख्या बराबर है। दोनों दल यहां निर्दलीय सदस्यों के समर्थन से अध्यक्ष, उपाध्यक्ष बनाने को लेकर सक्रिय हैं। सूरजपुर और बलरामपुर जिले के भी जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के पदों पर कब्जे के लिए जोर आजमाइश है। दोनों जिलों में छह-छह जनपदों के लिए चुनाव होना है। सभी जगहों पर चुनाव के लिए रिटर्निंग अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
बाहरभेजे गए सदस्य लौटे: चुनावपरिणाम के साथ ही दोनों दलों ने ज्यादातर जनपदों के अपने सदस्य बाहर भेज दिए थे। शुक्रवार को चुनाव के मद्देनजर सभी सदस्य वापस लौट आए हैं। कई जनपदों के सदस्य आज शहर में देखे गए। ऐसा माना जा रहा है कि रात भर सदस्य यहीं रहेंगे और शुक्रवार को चुनाव से पहले पार्टी नेताओं के साथ उन्हें जनपदों में ले जाया जाएगा।
कांग्रेसका ज्यादातर जनपदों में जीत का दावा:
कांग्रेससरगुजा के ज्यादातर जनपदों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष बनाने का दावा कर रही है। पार्टी के जिलाध्यक्ष अजय अग्रवाल ने बताया अंबिकापुर, उदयपुर, सीतापुर, मैनपाट में कांग्रेस बहुमत में है जबकि लुंड्रा और बतौली में भी निर्दलीयों की मदद से बहुमत हासिल कर लेंगे। अंबिकापुर के 25 में से 19 कांग्रेस समर्थित सदस्य हैं। लखनपुर में स्थिति स्पष्ट नहीं है।जिला पंचायतमें संशय की स्थिति: जिलापंचायतों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के पदों के लिए 16 फरवरी को चुनाव होना है। बंटवारे के बाद सूरजपुर और बलरामपुर जिला पंचायत के लिए यह पहला चुनाव है। जिला पंचायतों में भाजपा, कांग्रेस ने कब्जे के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। सरगुजा में दोनों दलों के समर्थित सदस्यों की संख्या बराबर होने से मुकाबला रोचक है। यहां दोनों दलों के छह-छह जबकि दो निर्दलीय सदस्य हैं जिनकी बड़ी भूमिका होगी। परिणाम के साथ ही भाजपा के सदस्य बाहर भेज दिए गए हैं। सदस्यों के नागपुर के किसी रिसोर्ट में ठहरने की खबर है। कब्जे के लिए दोनों दलों की चल रही रस्साकसी में हर दिन नया समीकरण सामने रहा है। कांग्रेस से अध्यक्ष के दावेदार नहीं हैं और बाहर से जो भी आएगा उसे पार्टी समर्थन करेगी जबकि भाजपा में कई दावेदार होने से सहमति नहीं बन पा रही है। अब तक प्रभात खलखो का अध्यक्ष के लिए नाम सामने था लेकिन कांग्रेस की रणनीति को देखते हुए फुलेश्वरी को भी अध्यक्ष के लिए आगे किया जा रहा है और इसी को लेकर लड़ाई चल रही है। प्रभात खलखो के बाद लुंड्रा क्षेत्र से कांग्रेस समर्थित सदस्य को हराने वाली मंजू सिंह का भी नाम सामने रहा है।
अगर सहमति नहीं बनी तो क्रास वोटिंग तय है।