चिटफंड कंपनी ने लगाई लाखों की चपत, मैनेजर व एजेंट गिरफ्तार
भास्कर संवाददाता| अंबिकापुर
उदयपुर में संचालित चिटफंड कंपनी के चक्कर में कई लोगों के लाखों डूब गए। बुधवार को इस मामले में एक व्यक्ति की शिकायत पर पुलिस ने कार्यालय में छापा मारकर वहां के मैनेजर एवं एजेंट को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि कंपनी द्वारा इलाके के सैकड़ों लोगों से रकम डिपाजिट कराई गई थी जो तय अवधि के बाद नहीं लौटाई गई। इससे लाखों रुपए के घोटाले की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस ने बताया कि तहसील कार्यालय के पास संचालित आयडल इंडिया कार्पोरेशन नामक चिटफंड कंपनी पिछले करीब दो सालों से इलाके में लोगों को अधिक ब्याज देने का लालच देकर रकम डिपाजिट करा रही है। कंपनी द्वारा कार्यालय में एक मैनेजर एवं कई एजेंट बनाए गए थे। रकम बढ़ने के चक्कर में कई लोगों ने यहां राशि डिपाजिट कराई थी। इस बीच मैचुरटी पूरी होने के बाद राशि नहीं लाैटाने पर जाकिर खान ने इसकी शिकायत पुलिस से की। उसने बताया कि 66 हजार छह सौ रुपए उसने दिसंबर 14 में जमा किए थे। अवधि पूरी होने के बाद जब वह कार्यालय गया तो उसे राशि देने में आनाकानी की जा रही है। मामले की जांच के बाद पुलिस ने दफ्तर में बुधवार को छापा मारा। वहां मौजूद मैनेजर विनय कुमार पैकरा एवं एजेंट राजकुमार राजवाड़े को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की गई। पुलिस ने दोनों के खिलाफ धारा 420, 34 के तहत मामला कायम कर लिया है। बताया गया कि जांच में बड़े घोटाले का खुलासा हो सकता है। अभी कार्यालय के दस्तावेज एवं लेनदेन के डाक्यूमेंट्स जब्त किए गए है जिनकी जांच होनी बाकी है।
ये है कानून
राज्य में दिसंबर 2015 में छत्तीसगढ़ निक्षेपकों के हितों का संरक्षण (संशोधन) अधिनियम के नाम से कानून बना है।
इस कानून के तहत फर्जीवाड़े के दोषी लोगों को 10 साल तक सजा और 15 लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान है।
कंपनी की शिकायत मिलने पर पुलिस-जिला प्रशासन को 30 दिन में जांच पूरी कर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश हैं।