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रेल सुविधाओं के लिए दिल्ली में देंगे धरना

5 वर्ष पहले
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रेलवे के अधिकारियों पर मनमना रवैया अपनाने का लगाया आरोप

भास्कर संवाददाता| अंबिकापुर

सरगुजा में रेल सुविधाओं का विस्तार नहीं होने पर इस मुहिम से जुड़े लोग दिल्ली में जंतर-मंतर में धरना देंगे। रेल बजट के मद्देनजर जिले की मांगों पर सरगुजा क्षेत्र सर्वदलीय रेल संघर्ष समिति की बैठक में चर्चा हुई।

बैठक में समिति के संयोजक पूर्व विधायक देवेश्वर सिंह भी शामिल थे। समिति के लोगों ने कहा कि रेल सुविधाओं का विस्तार सरगुजा की आवश्यकता और मांग रही है लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया जाता। हर बजट में जिले को उम्मीदें रहती हैं लेकिन बजट पेश होता है तो पता चलता है कि सरगुजा को कुछ नहीं मिला। जिले की मांग को अधिकारियों तक जनप्रतनिधि पहंुचाते हैं लेकिन अधिकारियों द्वारा मनमाने ढंग से इन मांगों को नकार दिया जाता है। बैठक में अंबिकापुर से दिल्ली तक ट्रेन शुरू करने, अंबिकापुर- दुर्ग ट्रेन में भीड़ को देखते हुए रायपुर तक इंटरसिटी ट्रेन शुरू किए जाने के अलावा कटनी, ओबरा, वाराणसी होते हुए पटना तक ट्रेन शुरू किए जाने की मांग की गई। बैठक में विजय पटेल, रणविजय सिंह तोमर, सेवा राम अग्रवाल, करता राम गुप्ता, घन्श्याम गर्ग, कृपा शंकर सिंह, अरविंद कन्नोजिया, विजय तिवारी, शरद त्रिपाठी, नवीन अग्रवाल, अजय सिंह मौजूद थे।

काेयला परिवहन ठप करने की चेतावनी
बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि बजट में जिले की मांगें पूरी नहीं हुई तो जिले में कोयला परिवहन ठप किया जाएगा। बिलासपुर जोन में आने वाले इस क्षेत्र से रेलवे को सबसे अधिक आय प्राप्त हो रही है लेकिन उसके बाद भी यहां की उपेक्षा की जा रही है।

अधिकारियों को हटाने की मांग
सरगुजा क्षेत्र सर्वदलीय रेल संघर्ष समिति ने जिले की रेल सुविधाओं की उपेक्षा के लिए अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रधानमंत्री और रेल मंत्री से बिलासपुर जोन के अधिकारियों को हटाए जाने की मांग की है। समिति के अनुसार जिले की मांगों को लेकर अधिकारियों द्वारा गलत जानकारी देकर गुमराह किया जाता रहा है। पिछले साल सांसदों का हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा गया था जिसमें यह मांग की गई थी कि अनूपपुर से अंबिकापुर तक चलने वाली मेमू ट्रेन 8 घंटे चलकर 10 घंटे अनूपपुर में खड़ी रहती है। इसे बिलासपुर तक चलाए जाने की मांग की गई थी लेकिन अधिकारियों द्वारा गलत जानकारी दी गई कि अनूपपुर से बिलासपुर जाने में सात घंटे लगेंगे जबकि अंबिकापुर से बिलासपुर सात घंटे में ट्रेन पहंुचती है।

नाराजगी
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