छात्रावासों में पढ़ाई के लिए मिले बेहतर वातावरण: सेन
भास्कर संवाददाता | अंबिकापुर
सांसद कमलभान सिंह, सीतापुर विधायक अमरजीत सिंह एवं कलेक्टर ऋतु सैन सहित निगरानी समिति के अन्य सदस्यों की उपस्थिति में सरगुजा जिले के आश्रम एवं छात्रावासों के सुचारू संचालन को लेकर जिला कार्यालय के सभाकक्ष में बैठक हुई। इसमें समिति ने आश्रम एवं छात्रावासों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण निर्माण के लिए अधीक्षकों की जिम्मेदारी को महत्वपूर्ण बताया।
इसके लिए हर माह छात्रावासों व आश्रमों के शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा करने के लिए बीईओ एवं मंडल संयोजकों को निर्देशित किया गया। कलेक्टर सैन ने निर्देशित किया कि आश्रम एवं छात्रावास अधीक्षक छात्रावास में रहने वाले छात्र-छात्राओं के भोजन, आवास, स्वास्थ्य एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के साथ बेहतर शैक्षणिक वातावरण का निर्माण करें। उन्होंने कहा कि छात्रावास एवं आश्रमों में पढ़ने वाले बच्चे विद्यालय में पढ़ाई करने के पश्चात छात्रावास में आते हैं, यदि छात्रावास के दिनचर्या में बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का विशेष ध्यान रखा जाएगा, तो निश्चित रूप से बच्चों के अच्छे परीक्षा परिणाम प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि छात्रावास एवं आश्रमों में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों के अतिरिक्त खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों की नियमित समीक्षा करते हुए प्रत्येक छात्रावास का सतत मूल्याकंन करें। उन्होंने बच्चों को पाठ्यक्रम के साथ सामान्य ज्ञान की जानकारी भी देने के निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर सहायक आयुक्त आदिवासी विकास केआर परस्ते, सहायक संचालक डीआर नागेश सहित सभी विकासखंडों के बीईओ एवं मंडल संयोजक उपस्थित थे।
प्रत्येक सप्ताह लें बच्चों का मूल्यांकन
निगरानी समिति द्वारा छात्रावास एवं आश्रमों में अध्ययनरत बच्चों के शैक्षणिक स्तर का आकलन करने के लिए अधिकारियों को प्रत्येक सप्ताह बच्चों का मूल्यांकन करने के निर्देश दिए गए हैं। मूल्यांकन के लिए शिक्षकों का पैनल तैयार करते हुए प्रत्येक सप्ताह अलग-अलग कक्षाओं का टेस्ट लेकर बच्चों के सीखने की क्षमता का आंकलन करने निर्देशित किया गया है।
निगरानी समिति की बैठक में चर्चा करते हुए कलेक्टर व सांसद।
बेहतर पढ़ाने के लिए शिक्षक होंगे सम्मानित
कलेक्टर ने कहा कि जिन शिक्षकों द्वारा बच्चों को बेहतर अध्यापन कराया जाएगा तथा समय-समय पर बच्चों का मूल्यांकन लेकर उपचारात्मक शिक्षा दी जाएगी। ऐसे शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट अध्यापन के लिए जिला प्रशासन द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मान किया जाएगा।
प्राथमिक उपचार का बच्चों को दें ज्ञान
निगरानी समिति ने अधिकारियों को बच्चों को चोट लगने तथा सांप, बिच्छू अथवा जानवर के काटने पर किए जाने वाले प्राथमिक उपचार की जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस जानकारी से बच्चे आकस्मिक स्थिति में अपना प्राथमिक उपचार कर सकेंगे। समिति ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एके जायसवाल को छात्रावास एवं आश्रमों के बच्चों का सतत स्वास्थ्य परीक्षण करते हुए स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है।