उच्च शिक्षा से बढ़ता है आत्मविश्वास
समारोह में विद्यार्थियों ने दी मनमोहक प्रस्तुति
कार्यक्रम में दिखी लोक संस्कृति की झलक
गृहमंत्री रामसेवक पैंकरा के मुख्य आतिथ्य में सुभाषनगर स्थित सरस्वती कॉलेज में सरगुजा यूनिवर्सिटी का वार्षिकोत्सव ‘जोहार 2016’ धूमधाम के साथ मनाया गया। इस दौरान आयोजित कार्यक्रम में गृहमंत्री ने कहा कि लगभग 35 वर्ष पूर्व सरगुजा क्षेत्र में सिर्फ दो ही कॉलेज संचालित थे। इससे बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
गृहमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन के पिछले 12 वर्षों के शासन काल में लगभग सभी विकासखंड मुख्यालायों में कॉलेज का संचालन शुरू हो गया है। इसके साथ ही उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संभाग मुख्यालय अंबिकापुर में सरगुजा यूनिवर्सिटी की स्थापना की गई है तथा लखनपुर में शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय का संचालन किया जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा से विद्यार्थियों के आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। इससे उनमें सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक क्षेत्र में नेतृत्व क्षमता का विकास होता है। उन्होंने शिक्षा संस्थानों से पाठ्यक्रम के साथ नैतिक मूल्यों के विकास पर भी ध्यान देने कहा। उन्होंने वार्षिकोत्सव के अच्छे आयोजन के लिए प्रबंधन एवं विद्यार्थियों की सराहना की। इसके पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर लुंड्रा विधायक चिंतामणी महाराज, हस्तशिल्प बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष अनिल सिंह मेजर, नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष जन्मेजय मिश्रा, छत्तीसगढ़ चेम्बर्स ऑफ कामर्स के उपाध्यक्ष बाबूलाल अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, यूनिवर्सिटी के कुल सचिव आरएन चौहान, इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरएन खरे, राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ. एके सिन्हा, सरस्वती महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बीपी तिवारी, प्रफुल्ल अकांत, मार्कंडेय तिवारी सहित विभिन्न महाविद्यालयों के स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।
आधुनिक विषयों के पाठ्यक्रमों का किया जा रहा संचालन
सरगुजा विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. बीएल शर्मा ने प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि अब विश्वविद्यालय द्वारा आधुनिक विषयों के पाठ्यक्रमांे का संचालन किया जा रहा है। यूनिवर्सिटी द्वारा विद्यार्थियों के परीक्षा फार्म भरने के लिए आॅनलाइन सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बताया कि लगभग 96 प्रतिशत विद्यार्थियों द्वारा आॅनलाइन परीक्षा फार्म भरे गए हैं। यूनिवर्सिटी द्वारा सही समय पर परीक्षाएं ली जा रही है तथा उनके परिणाम भी निर्धारित समय पर घोषित किए जा रहे हंै।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में बच्चों ने दी रंगारंग प्रस्तुति
सुभाषनगर स्थित सरस्वती कालेज में धूमधाम से वार्षिकोत्सव मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सांसद कमलभान सिंह थे। अध्यक्षता सरगुजा यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. बीएल शर्मा ने की। विशिष्ट अतिथि भाजपा के विभाग संगठन मंत्री विधानचंद्र कर थे। शुभारंभ मां सरस्वती के छाया चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बीपी तिवारी ने अतिथियों का शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में विभिन्न लोक नृत्य एवं लोक गीत प्रस्तुत किए गए। इसके साथ ही देश के विभिन्न राज्यों के लोक नृत्यों की छात्र-छात्राओं की प्रस्तुति दी। विद्यार्थियों की आकर्षक प्रस्तुतियों की लोगों ने खूब सराहना की। समारोह में सालभर के विभिन्न गतिविधियों में अव्वल रहे छात्र-छात्राओं को पुरुस्कृत किया गया। सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी कृष्णा यादव व अंजनी सिंह, सर्वश्रेष्ठ एनएसएस कैडेट अश्विनी व रीमा तिर्की, सर्वश्रेष्ठ सांस्कृतिक प्रतिभागी प्रतिभा मिंज, सर्वश्रेष्ठ छात्र डोमेश्वर चक्रधारी चुने गए। आभार प्रदर्शन व्यवस्थापक करताराम गुप्ता ने किया। इस अवसर पर कपिलदेव नारायण पांडेय, अभिषेक तिवारी आदि उपस्थित थे।
64 कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने दी प्रस्तुति
वार्षिकोत्सव में सरगुजा यूनिवर्सिटी अंतर्गत आने वाले लगभग 64 महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने बारी-बारी से स्वागत गान, वंदना गीत एवं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। प्रस्तुति देने वाले छात्र-छात्राओं की सराहना करते हुए गृहमंत्री ने उन्हें निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
प्रोटोकॉल का उल्लंघन गृहमंत्री से शिकायत
एनएसयूआई के प्रदेश संयोजक विष्णु सिंहदेव ने सरगुजा विश्वविद्यालय के दो अधिकारियों पर राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है। उन्होंने गृहमंत्री से की शिकायत में कहा है कि बुधवार को विश्वविद्यालय के वार्षिकोत्सव का आयोजन पूरी तरह से राजनीति से ओतप्रोत रहा। यह आयोजन विश्वविद्यालय के फण्ड से हुआ जिसमें परिषद के एक नेता जो कोई शासकीय पद पर नहीं हैं, इसके बावजूद उन्हें मुख्य वक्ता के रूप में बुलाया गया। यह प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। विश्वविद्यालय की राशि का दुरुपयोग करने के मामले में उन्होंने दोनों अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।