शिक्षा विकास की पहली सीढ़ी शिक्षित होना जरूरी: किंडो
भास्कर संवाददाता | अंबिकापुर
राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण रायपुर की संचालिका जी किंडो द्वारा सरगुजा जिले में संचालित साक्षर भारत कार्यक्रम के बेहतर क्रियान्वयन के लिए गुरुवार को उदयपुर विकासखंड अंतर्गत लोक शिक्षा केंद्र मिशनपारा एवं डोकरनाला का अवलोकन किया गया।
इस दौरान उन्होंने अनुदेशक एवं स्वयंसेवक से सभी असाक्षरों को शिक्षित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा विकास की पहली सीढ़ी है, अतएव सभी लोगांे को शिक्षित करना आवश्यक है। ग्राम पंचायत जजगा के दूरस्थ साक्षरता केंद्र डोकरनाला में अवलोकन के दौरान उन्होंने स्वयंसेवक दुलेश्वर को 30 शिक्षार्थियों को पठन-पाठन कराते हुए पाया। विकासखंड लोक शिक्षा समिति लखनपुर के आदर्श लोक शिक्षा केंद्र लहपटरा के निरीक्षण के दौरान सुश्री किंडो ने साक्षर भारत के अमले एवं पंचायत प्रतिनिधियों से साक्षरता पर विशेष ध्यान देते हुए लोगों को साक्षरता कक्षा में नियमित रूप से भेजने का आग्रह किया। सुश्री किंडो ने वाचनालय सह पुस्तकालय तथा कौशल विकास के अंतर्गत सिलाई का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं व शिक्षार्थियों द्वारा सिलाई किए गए कपड़ों का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर सरपंच रामबिहारी, उप सरपंच ध्रुव राजवाड़े, जिला परियोजना अधिकारी केपी दीक्षित, बलरामपुर के जिला परियोजना अधिकारी छगुनाथ राम, सहायक जिला परियोजना अधिकारी गिरीश गुप्ता, ओपी गुप्ता, कार्यक्रम समन्वयक लक्ष्मीनारायण तिवारी आदि उपस्थित थे।
राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण रायपुर की संचालिका जी किंडो लोगों से चर्चा करती हुई।
संचालिका सुश्री किंडो द्वारा सांसद आदर्श ग्राम करम्हा में संचालित साक्षर भारत कार्यक्रम की गतिविधियों का निरीक्षण किया गया। संचालक ने ग्राम का भ्रमण कर लोगों से साक्षरता के संबंध में चर्चा करते हुए नियमित रूप से साक्षरता कक्षाओं मंे जाने का आग्रह किया। उन्होंने ग्राम की महिलाओं को साक्षरता का महत्व बताते हुए पढ़ने-लिखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विकास के लिए शिक्षित होना जरूरी है। उन्होंने नवसाक्षर महिलाओं को अपने समक्ष बुलाकर आंखरझांपी पढ़ने, अपना एवं ग्राम का नाम लिखने कहा और प्रेरकों एवं अनुदेशकों को निर्देशित किया कि केवल हस्ताक्षर सिखाना ही साक्षरता नहीं है, बल्कि उन्हें मात्रा, स्वर, व्यंजन की जानकारी होनी चाहिए। सुश्री किंडो ने सभी शिक्षार्थियों को 20 मार्च को होने वाली महापरीक्षा मंे शामिल होने के लिए प्रेरित किया।
केवल हस्ताक्षर सिखाना ही साक्षरता नहीं
बुजुर्ग महिला को किताब दे ग्राम का नाम लिखने व पढ़ने कहा