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शहर की छत पर बनेगा रॉक गार्डन

6 वर्ष पहले
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शहर के पूर्वी हिस्से पर शक्ति पीठ मां महामाया की मंदिर है और इसी से लगा करीब सौ एकड़ में है महामाया पहाड़। शहर की छत कहा जाता है इसे। यहां से पूरा शहर दिखाई देता है। आने वाले समय में लोग यहां का आकर्षण देखेंगे। आकर्षण का केंद्र होगा रॉक गार्डन। नगर निगम शहरवासियों के पर्यटन के हिसाब से रांची(झारखंड) की तर्ज पर यहां रॉक गार्डन बनाएगा।

महामाया मंदिर के सामने से पहाड़ के लिए रास्ता गया है। ऊपर पहंुचते ही शहर का अद्भुत नजारा दिखता है। वन विभाग द्वारा यहां आक्सीजन पार्क के लिए कवायद चल रही है। पिछले कई सालों के प्रयास और लाखों खर्च के बाद भी यह अधूरा दिखता है। वॉच टावर, सर्किट हाउस के अलावा पगोड़े बने हुए हैं। कांक्रीट की सड़कें भी बननी शुरू हो गई हैं लेकिन नैसर्गिक सुंदरता पर अब तक ध्यान नहीं गया। नगर निगम का रॉक गार्डन का प्लान इसी के हिसाब से है। एक टीम इसके अध्यनन के लिए जल्द ही रांची जाएगी।

हरियालीके लिए नायाब पहल: हरियालीके लिए यहां हो रही पहल प्रेरणास्पद है। पीपल और बरगद के यहां करीब पांच सौ पौधे लगाए गए हैं। पौधे की सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड लगे हैं जबकि सिंचाई के लिए घड़े के माध्यम से व्यवस्था की गई है। हर पौधे के पास एक घड़ा रखा हुआ है जिससे पौधे को सींचा जाता है। इसके लिए गजब की व्यवस्था बनाई गई है। घड़े में ड्रिप किया गया है। कपड़े को रस्सी का रूप देकर एक छोर को घड़े के ड्रिप में डाला गया है जबकि दूसरा हिस्सा पौधे की जड़ के पास रहता है जिससे पौधे को हमेशा पानी मिलता रहता है। पानी की बर्बादी नहीं होती। साथ ही हर दिन मशक्कत से भी राहत है। एक बार पानी घड़े में भरने पर एक सप्ताह चलता है। पौधे की सिंचाई के लिए करीब पांच सौ घड़े रखे गए हैं।

इस पर देना होगा ध्यान

शहर के नवागढ़ इलाके वाले इस क्षेत्र में अतिक्रमण हो रहा है। संसाधन विहीन होने के बाद भी पहाड़ पर लोगाें की बसाहट तेजी से बढ़ रही है। कई जगहों पर तो ऐसे दुर्गम रास्ते हैं जहां बने मकानों तक पैदल पहंुचना मुश्किल है। ग्राम पंचायत में जब यह क्षेत्र था तभी से अतिक्रमण शुरू हो गया था। नगर निगम में आने के बाद अतिक्रमण बढ़ा है। बाहर से आने वाले लोग यहां कब्जा कर मकान बना रहे हैं। अब तो इन क्षेत्रों में सड़क, नाली सहित अन्य बुनियादी जरूरतों के विस्तार की मांग होने लगी है। इसे रोकने के लिए कारगर कदम उठाने होंगे। अधिकारियों का कहना है कि घेराव कर दिया जाय तो अतिक्रमण पर रोक लगाई जा सकती है। पहाड़ तक अभी भी कच्ची और उबड़ खाबड सड़क है जिससे वहां पहंुचना काफी मुिश्कल रहता है। सागौन की यहां नर्सरी तैयार हो रही है जिसे बचाने के लिए ध्यान देना होगा। कभी यह इलाका घने जंगल के लिए जाना जाता था लेकिन तस्करों ने इलाके को उजाड़ दिया था। पिछले कुछ सालों में हो रही पहल से हरियाली लौट रही है।

हनुमान की तीस फीट ऊंची प्रतिमा बनाने की मांग

पहाड़पर ही शिव मंदिर है जहां लोग पूजा अर्चना करते हैं। क्षेत्र के लोग यहीं पर हनुमानजी की 30 फीट की प्रतिमा बनाने मांग करते रहे हैं। वार्ड के पार्षद ने नगर निगम का इस ओर ध्यान दिलाया है।

जानेक्या है रॉक गार्डन ?

पड़ोसीराज्य झारखंड की राजधानी रांची की तर्ज पर यहां का रॉक गार्डन बनाया जाएगा जो पर्यटन स्थल के रूप में मशहूर है। चंडीगढ़ का रॉक गार्डन पर्यावरण बचाने की मुटहिम में अन्तरराष्ट्रीय स्तर जाना जाता है। औद्योगिक और घरेलू अपशिष्ट उत्पादों की मदद से यहां की कलाकृतियां मूर्तिकला, बगीचे और अद्भुत कलाकारी के लिए मशहूर है।

शहरका सबसे सुंदर पर्यटन स्थल बनाएंगे

^यहांकी संुदरता बेमिसाल है। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए इसे खूबसूरत रूप दिया जाएगा। प्राकृतिक स्वरूप से बिना छेड़छाड़ किए इसे और बेहतर किया जाएगा। पत्थरों पर मूर्तियां की कलाकृति उकेरी जाएंगी। झरने काे दिशा दी जाएगी। आने वाले समय में शहर का यह सबसे अच्छा पिकनिक स्थल होगा। इससे लोगों के पर्यटन के हिसाब से मनोरंजन तैयार हो जाएगा, निगम को भी आर्थिक लाभ होगा। डा.अजय तिर्की, महापौर अंबिकापुर

महामाया पहाड़ से शहर का नजारा

रेस्ट हाउस के आस-पास बनेगा रॉक गार्डन