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ज्वाइनिंग दे चुके डाॅक्टर नहीं हटाए जाएंगे
नान टेक्निकल डाक्टर्स सिम्स में देंगे सेवा
भास्करन्यूज | अंबिकापुर
सरगुजामेडिकल कालेज अगले सत्र से शुरू नहीं होगा लेकिन ज्वाइनिंग देने वाले डाक्टरों के कैरियर पर कोई खतरा नहीं रहेगा। कालेज प्रबंधन ने इनको लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। ज्वाइनिंग देने वाले सभी डाक्टर्स की सेवाएं एक साल के लिए यथावत रखी गई। कालेज प्रबंधन जरूरत के मुताबिक इनकी सेवाएं सिम्स एवं जिला अस्पताल अंबिकापुर में लेगा। डीन ने डाक्टरों की बैठक में पूरी स्थिति स्पष्ट कर दी। इससे डाक्टरों को राहत मिली है। नान टेक्निकल डाक्टर्स कालेज शुरू होने तक सिम्स में अपनी सेवाएं देंगे। कालेज प्रबंधन ने अब अगले साल के लिए कवायद तेज कर दी है।
डीन कर्नल डा. एसके माेहंती ने रविवार को जिला अस्पताल में ज्वाइनिंग देने वाले डाक्टरों की बैठक में स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सरगुजा मेडिकल कालेज के प्रस्ताव को खारिज नहीं किया गया है बल्कि एमसीआई द्वारा आगामी सत्र के लिए तैयार की गई सूची में कालेज के आवेदन को शामिल नहीं किए जाने से कालेज के प्रस्ताव को एक साल के लिए आगे बढ़ा दिया है। इससे कालेज के विभिन्न विभागों में नियुक्त किए गए डाक्टरों के कैरियर पर खतरा मंडराने लगा था लेकिन शासन ने अब पूरी स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि ज्वाइनिंग देने वाले सभी 25 डाक्टर्स कालेज में ही रहेंगे लेकिन इनकी सेवाएं जरूरत के मुताबिक कालेज प्रबंधन लेगा। स्थिति स्पष्ट हो जाने से नए डाक्टरों ने राहत की सांस ली है। गौरतलब है कि मेडिकल कालेज के लिए टीचिंग डिपार्टमेंट के विभिन्न विभागों में 31 प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, डिमास्टेटर, जूनियर एवं सीनियर रेसीडेंसियल के पद पर 31 डाक्टरों की नियुक्ति हुई थी। इनमें से 25 डाक्टरों ने ज्वाइनिंग भी दे दी थी। इसी बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अगले सत्र के लिए कालेज के प्रस्ताव को खारिज कर आगे बढ़ा दिया था। इससे ज्वाइनिंग देने वाले डाक्टरों के कैरियर को लेकर समस्या उत्पन्न हो गई थी। इनकी नियुक्ति एक साल के लिए संविदा पर हुई थी। सेवा शर्तो के अनुसार कालेज प्रबंधन कभी भी एक महीने का वेतन देकर इन्हें काम से हटा सकता था। कालेज नहीं खुलने से संभावना जताई जा रही थी कि प्रबंधन एक महीने का वेतन देकर सभी को हटा देगा। बैठक में सिविल सर्जन सह मेडिकल सुपरिटेडेंट डा. एनके पांडेय, डा. व्हीके श्रीवास्तव, सिम्स के डा. भूपेश कश्यप सहित अन्य डाक्टर्स उपस्थित थे।
वरिष्ठतापर नहीं पड़ेगा प्रभाव
डीनने कहा कि सरगुजा मेडिकल कालेज के शुरू होने तक नान टेक्निकल डाक्टरों को फिलहाल सिम्स में अटैच कर उनकी सेवाएं ली जाएंगी। जो टेक्निकल डाक्टर्स हैं उनकी सेवाए जिला अस्पताल में ली जाएंगी। 31 अगस्त 2015 तक उन्हें कालेज के पैकेज के अनुसार मानदेय देकर शासन द्वारा निर्धारित मानदेय दिया जाएगा। 31 अगस्त के बाद सभी को कालेज के पैकेज के अनुसार मानदेय मिलने लगेगा। इससे कुछ महीने उन्हें कम सैलरी मिलेगी लेकिन वरिष्ठता काे लेकर कोई दिक्कत नहीं होगी। उन्होंने बताया कि कालेज शुरू होने पर ज्वाइनिंग वाली तिथि से उनकी वरिष्ठता ली जाएगी। इससे आगे चलकर सभी को लाभ होगा। डीन के प्रस्ताव पर डाक्टरों ने भी सहमति जताई। इससे अब उहापोह की स्थिति समाप्त हो गई है। डा. मोहंती ने कहा कि सिम्स में अटैच किए गए डाक्टरों के सम्मान का पूरा ख्याल रखा जाएगा। उनके रहने, खाने की व्यवस्था कालेज प्रबंधन करेगा।
कालेज2016 से होगा शुरू?
डा.मोहंती ने कहा कि अगले सत्र से कालेज शुरू नहीं होने से निराशा तो जरूर हुई है लेकिन यह निराशा केवल एक साल के लिए ही है। हमारी तैयारी चल रही है। शासन भी इसको लेकर गंभीर है। इसीलिए नए डाक्टरों को यथावत रखा जा रहा है। अंबिकापुर में मेडिकल कालेज वर्ष 2016 से जरूर शुरू होगा। इस साल आवेदन की प्रक्रिया में हुई गलती के कारण हमारे प्रस्ताव को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक साल के लिए अागे बढ़ा दिया है। अब हम अगले साल के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के माध्यम से 31 अगस्त से पहले आवेदन एवं फीस जमा करेंगे। इसके बाद आगे प्रक्रिया होगी। उन्होंने कहा कि हमारी तैयारी पूरी है। जो थोड़ी बहुत कमियां है उसे एक साल के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।
हास्पीटल के लिए मिलेंगे 120 करोड़
डा.मोहंती ने बताया कि 11 फरवरी को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा नए मेडिकल कालेज के हास्पीटल के लिए बैठक बुलायी गई है। इसमें सरगुजा मेडिकल कालेज को भी शामिल किया गया है। इसमें तैयारियों एवं हास्पीटल में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली जाएगी। इसके आधार पर केंद्र द्वारा हास्पीटल को अपग्रेड करने 120 करोड़ का बजट दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी तैयारी पूरी है। बैठक में स्वास्थ्य सचिव डा. आलोक शुक्ला के साथ मै खुद प्रजेंटेशन दूंगा। उन्होंने कहा कि बैठक में सरगुजा मेडिकल कालेज के प्रतिनिधियों को बुलाए जाने से यह तय है कि अगले साल जिले को मेडिकल कालेज मिलेगा।
सैनिकस्कूल भवन हमारे पजेशन में
डा.मोहंती ने कहा कि सैनिक स्कूल भवन को लेकर अब कोई असमंजस की स्थिति नहीं रह गई है। शासन द्वारा सैनिक स्कूल भवन को पांच साल के लिए मेडिकल कालेज को दे दिया गया है। यह भवन भी अब हमारे पजेशन में है। यहां कालेज के अनुसार तैयारियां चल रही है। इसके बाद भी हमारी मंशा यहां कालेज चलाने की नहीं है। कालेज के लिए खलिबा में 43.5 एकड़ जमीन मिली है। वहां पर भवन बनाने का काम जल्द ही शुरू किया जाएगा। जैसे ही हमारा भवन तैयार होगा, हम सैनिक स्कूल भवन खाली कर देंगे। उन्होंने बताया कि मेडिकल कालेज के लिए हेलीपैड बनाने का प्रस्ताव है। इसकी भी प्रक्रिया चल रही है। यह मरीजों के लिए होता है ताकि इमरजेंसी में किसी मरीज को दूसरी जगह से यहां या फिर यहां से किसी दूसरी जगह शिफ्ट किया जा सके। एअर एबुलेंस के लिए सभी मेडिकल कालेजों में यह सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इसके साथ ही अागामी बजट में कालेज के लिए बस सहित तीन वाहनों के बजट के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है।
जिला अस्पताल के सभाकक्ष में नवनियुक्त डॉक्टरों से चर्चा करते मेडिकल कॉलेज के डीन कर्नल डॉ. एसके मोहंती