कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश, अगले 24 घंटे तक मौसम ऐसे ही रहने की आशंका
समितियों में रखा सैकड़ों बोरा धान भीगा
फसलों पर नुकसान का खतरा
भास्कर संवाददाता | अंबिकापुर/बतौली
इधर बारिश से फसलों पर नुकसान का खतरा मंडराने लगा है। समितियों में रखा धान कई जगह भीग गया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे तक मौसम के इसी तरह रहने की संभावना जताई है। इस दौरान बारिश के साथ ओलावृष्टि हो सकती है।
बंगाल की खाड़ी में बने निम्नदाब के क्षेत्र से मौसम फिर बदल गया है। इसके दो दिनों पूर्व उत्तर पूर्व में हुई बारिश के कारण हल्के बादल छाए थे लेकिन खाड़ी में हुई हलचल के प्रभाव से बुधवार-गुरुवार की रात अचानक बादलों का घनत्व बढ़ गया और सुबह से शहर सहित पूरे संभाग में कहीं तेज तो कहीं रिमझिम बारिश हुई। बारिश का ज्यादा असर बतौली, सीतापुर, लुंड्रा, धौरपुर सहित अन्य इलाकों में देखा गया। बतौली में तो सुबह तेज बारिश हुई। तापमान में कमी आई जिससे लोगों को दिन में भी अलाव का सहारा लेना पड़ा।
बतौली में दिनभर होती रही बारिश।
बारिश से समितियों में रखा सैकड़ों बोरा धान भीग गया है। बतौली में ही समिति में रखा कई क्विंटल धान बारिश में भीग गया है। हालांकि धान को ऊपर से ढंका गया है लेकिन कैप कवर छोटा होने से बोरे पूरी तरह ढंक नहीं पाए हैं। इससे धान भीगा है। सरगुजा जिले की समितियों में 16 हजार 770 टन धान अभी उठाव के अभाव में पड़ा है। यही स्थिति बलरामपुर व सूरजपुर जिले में है। बलरामपुर जिले की समितियों में 27 हजार 282 टन व सूरजपुर जिले की समितियों में 25 हजार टन से ज्यादा धान अभी रखा हुआ है जबकि 31 जनवरी को ही बंद हो गई है।
अगले चौबीस घंटे तक रहेगा चक्रवात का असर
बंगाल की खाड़ी में निम्न दाब का क्षेत्र बनने से ओडिशा के ऊपर चक्रवात बन गया है। इसके प्रभाव से ओडिशा सहित छत्तीसगढ़, झारखंड में बादल छाए हैं और बारिश हो रही है। अगले चौबीस घंटे तक इसके असर की संभावना है। इसके बाद मौसम साफ होने लगेगा। इस दौरान बारिश के साथ कहीं ओले भी गिरने की संभावना है। मौसम साफ होने के बाद न्यूनतम तापमान में कमी आएगी जिससे फिर ठंड बढ़ेगी।’’ - मौसम विज्ञान केंद्र, अंबिकापुर
बारिश व बादल के कारण फसलों पर नुकसान का खतरा मंडराने लगा है। गेहूं को छोड़कर अरहर, सरसों, चना, सब्जी सहित अन्य फसलों में कीड़े लगने लगेंगे। आम व लीची के लीची के बौर पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है। इससे किसान चिंतित हैं। गौरतलब है कि जनवरी में हुई बारिश के कारण पहले ही फसलों को कुछ नुकसान हो चुका है। मौसम साफ होने के बाद फसल को कुछ संभलने का अवसर मिला था लेकिन फिर पहले जैसी स्थिति बनती जा रही है। किसानों के अनुसार यदि ऐसे ही अगले कुछ दिनों तक मौसत बना रहा तो नुकसान तय है।
दिन का अधिकतम तापमान 25 डिग्री पर, फसलों को नुकसान की आशंका, मौसम साफ होने से फिर बढ़ेगी ठंड